SIR पर विपक्ष के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का पलटवार: ‘गलत नाम होंगे तो नियमानुसार हटेंगे’

SIR पर विपक्ष के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का पलटवार: ‘गलत नाम होंगे तो नियमानुसार हटेंगे’

 

 

 

 

अल्मोड़ा (विशेष संवाददाता)। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि फर्जी या गलत पाए जाने वाले नामों को नियमानुसार मतदाता सूची से हटाया जाएगा।

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पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की व्यवस्था कोई नई नहीं है। यह प्रक्रिया केवल भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही नहीं चलाई जा रही, बल्कि पूर्व में कांग्रेस शासनकाल के दौरान भी इसी प्रकार मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण होता रहा है।

 

 

 

 

पश्चिम बंगाल चुनाव का उदाहरण देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वहां एक-एक मतदान केंद्र (बूथ) पर बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम दर्ज होने की बात सामने आई थी। निष्पक्ष चुनाव प्रणाली और पारदर्शी लोकतंत्र के लिए वोटर लिस्ट का समय-समय पर भौतिक सत्यापन आवश्यक है।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यदि किसी व्यक्ति का नाम गलत पाया जाता है या वह अर्हता पूरी नहीं करता, तो विधि-सम्मत कार्रवाई करते हुए उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण या साक्ष्य के अनर्गल बयानबाजी करने के बजाय रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।