Almora News :यहा बकरियों के साथ जंगल गए दौ युवको पर तेंदुए ने किया हमला,हायर सेंटर रेफर

सल्ट क्षेत्र में बकरियों के साथ जंगल गए युवक और उसे बचाने पहुंचे एक अन्य ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं, इन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।

💠संयोग से दोनों की जान बच गई। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत है।

बौड़ तल्ला निवासी दिनेश रावत(39) शुक्रवार शाम बकरियों के साथ जंगल गए थे। झाड़ियों में छुपे तेंदुए ने बकरी पर हमला कर दिया। बकरियों को बचाने के लिए उन्होंने शोर मचाया तो तेंदुआ उन पर झपट पड़ा। उनके पैरों पर पंजे से गहरे घाव कर डाले। किसी तरह पेड़ पर चढ़कर उन्होंने अपनी जान बचाई। चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्हें बचाने पहुंचे एक ग्रामीण जगत सिंह (48) पर भी तेंदुए ने हमला बोल दिया। उनके मुंह और दोनों हाथों में पंजे और दांतों के गहरे घाव बना दिए। खून से लथपथ जगत को ग्रामीणों ने तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया और दोनों घायलों को लेकर भौनखाल चिकित्सालय पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया।

चिकित्सकों के मुताबिक फिलहाल दोनों की हालत स्थिर है। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है। वहीं, घटना के बाद तेंदुए की सक्रियता का पता लगाने के लिए वन विभाग आसपास के क्षेत्र में कैमरा ट्रैप स्थापित करने में जुट गया है और वन कर्मी गश्त कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:​शारदीय नवरात्र 2026: पहले दिन गढ़वाल से कुमाऊं तक मंदिरों में लगी भक्तों की कतार, गूंजा भक्तिमय माहौल

💠बगैर संसाधनों के तेंदुए का सामना कर रहे हैं वन कर्मी

मौलेखाल। बृहस्पतिवार को तेंदुए ने एक बकरी को मारा था, इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। विभाग ने गश्त के लिए दो वन कर्मियों को मौके पर तो भेज दिया, लेकिन उनके पास एक डंडे के अलावा कोई अन्य संसाधन नहीं थे। दूसरे ही दिन ग्रामीणों की भीड़ के बीच हिंसक तेंदुए ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। ऐसे में बगैर संसाधनों के वन कर्मियों का खुद के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा करना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  शारदीय नवरात्रि: अल्मोड़ा के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गूंजे मां के जयकारे अल्मोड़ा: देवभूमि उत्तराखंड में शक्ति की उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। पर्व के पहले दिन से ही अल्मोड़ा के ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। सुबह से ही नगर के प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर समेत विभिन्न देवीलयों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है, जिससे पूरा क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। ऐतिहासिक नंदा देवी मंदिर में उमड़े भक्त उत्तराखंड की लोक आराध्य और कुमाऊँ-गढ़वाल की मुख्य संरक्षक देवी मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए अल्मोड़ा शहर के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां के चरणों में माथा टेका और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी तारा दत्त जोशी ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मां की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भक्तिमय माहौल और व्रत-अनुष्ठान मान्यता है कि उत्तराखंड में मां नंदा को मां पार्वती के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में श्रद्धालु व्रत रखकर मां दुर्गा और भगवती नंदा की आराधना कर रहे हैं। घरों और मंदिरों में घटस्थापना के साथ विशेष अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। वहीं, जगह-जगह दुर्गा पंडालों में माता की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिससे पूरे शहर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण है। परंपरा के अनुसार, नौ दिनों तक चलने वाले इन अनुष्ठानों का समापन नवमी के दिन कन्या पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा।

💠दो साल में तीन महिलाओं की जान ले चुके हैं तेंदुए और बाघ

मौलेखाल। सल्ट क्षेत्र में बीते दो साल में क्षेत्र के मरचूला, झड़गांव और कूपी में तीन महिलाओं को तेंदुए ने मौत के घाट उतारा है। वहीं एक वर्ष पूर्व जमरिया गांव में महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। किस्मत से उसकी जान बच गई।

कोट- क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाकर तेंदुए की सक्रियता का पता लगाया जा रहा है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए टीम गश्त कर रही है। पिंजरा लगाने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी। -गंगा शरन, रेंजर, मोहान।