Almora News:जल संरक्षण से सिंचाई हुई सुदृढ़।खेती को मिला संबल—कृषकों की आय में हुई वृद्धि।

0
ख़बर शेयर करें -

जनपद अल्मोड़ा पर्वतीय एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है। यहाँ सिंचाई व्यवस्था मुख्यतः सतही जल स्रोतों तथा वर्षा पर आधारित है। पर्वतीय ढालों, नालों एवं गधेरों में तेज बहाव के कारण वर्षा जल का अधिकांश भाग बहकर निकल जाता है, जिससे एक ओर भू-कटाव की समस्या बढ़ती है तो दूसरी ओर भूमिगत जल स्तर रिचार्ज नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आजीविका प्रभावित होती है तथा पलायन जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं।

इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास खण्ड ताकुला के अंतर्गत ग्राम सारकोट में 24.13 लाख रुपए की लागत से जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने हेतु चैक डैम निर्माण योजना को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया गया। यह योजना क्षेत्रीय कृषकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है और इसे जल एवं भूमि संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई अल्मोड़ा जीडी सिंह ने अवगत कराया कि इस योजना से 16 परिवार सीधे रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। ये परिवार अपने खेतों में इस योजना से सिंचाई करके अपने कृषि कार्यों को बढ़ा रहे हैं।
योजना के सफल क्रियान्वयन से स्थानीय कृषकों को स्थायी सिंचाई सुविधा प्राप्त हुई है। चैक डैम निर्माण ने न केवल खेतों तक पानी पहुँचाने में मदद की है, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन में भी एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:विकास भवन में सीडीओ की समीक्षा बैठक: स्वरोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं में देरी पर कड़े निर्देश, लंबित मामले जल्द निपटाएं।

🌸समस्या की पृष्ठभूमि –

स्थानीय कृषकों की आय का प्रमुख साधन कृषि है, परंतु पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था न होने के कारण किसानों को अपनी फसल का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। विगत वर्षों में लगातार भू-कटाव होने से नालों एवं गधेरों का तल नीचे होता गया, जिससे गूलों में पानी का बहाव बाधित हो गया। इसके चलते खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुँच पाता था और कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा था।

योजना निर्माण से पूर्व कृषकों द्वारा सिंचाई हेतु कच्चे बांध का उपयोग किया जाता था, लेकिन कच्चे बांध में रिसाव होने के कारण पर्याप्त पानी खेतों तक नहीं पहुँच पाता था। साथ ही, विगत वर्षों में आई आपदा एवं अतिवृष्टि के कारण जल स्रोत का हैड नीचे चला गया, जिससे सिंचाई के लिए जल उपलब्धता और भी कम हो गई। ऐसी स्थिति में किसान मजबूरी में वर्षा पर निर्भर हो गए थे।

🌸चैक डैम निर्माण से बदली तस्वीर, समस्या का हुआ समाधान –

इन समस्याओं के समाधान हेतु ग्राम सारकोट में छोटे-छोटे चैक डैमों का निर्माण कराया गया। चैक डैम निर्माण का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल के बहाव को नियंत्रित कर जल संरक्षण, भूमि संरक्षण तथा भूमिगत जल रिचार्ज को बढ़ावा देना है। चैक डैमों से जल का संचय होने लगा, जिससे सामूहिक सिंचाई गूलों के माध्यम से खेतों तक पानी नियमित रूप से पहुँचने लगा।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन पर सीएम धामी ने जताया दुख, कैबिनेट बैठक में रखा गया मौन।

योजना के निर्माण के उपरान्त चैक डैम से पर्याप्त मात्रा में पानी खेतों की सिंचाई हेतु उपलब्ध हो रहा है, जिसका लाभ कृषकों द्वारा पूर्ण रूप से लिया जा रहा है। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ी है तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है।

🌸योजना से प्राप्त प्रमुख लाभ

🌸चैक डैम निर्माण योजना से क्षेत्र में निम्नलिखित उल्लेखनीय लाभ सामने आए हैं—

7.7 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई सुनिश्चित हुई। 16 परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से फसल उत्पादन में वृद्धि हुई। कृषकों की आय में बढ़ोतरी होने लगी है। जल संरक्षण एवं भूमि संरक्षण को बल मिला, जिससे भू-कटाव में कमी की संभावना बढ़ी। वर्षा पर निर्भरता कम होने से किसानों में आत्मविश्वास बढ़ा तथा कृषि कार्यों में निरंतरता बनी।

जिला सूचना अधिकारी अल्मोड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *