Almora आतंकवाद विरोधी अभियान में शहीद हुए अल्मोड़ा के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी,अल्मोड़ा विधायक ने किया गहरा शोक व्यक्त*

0
ख़बर शेयर करें -

आतंकवाद विरोधी अभियान में शहीद हुए अल्मोड़ा के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी,अल्मोड़ा विधायक ने किया गहरा शोक व्यक्त* गहरा शोक व्यक्त*
अल्मोड़ा-जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अल्मोड़ा के होनहार युवा सेना अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के शहीद होने की खबर से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने शहीद के आवास पर पहुंच कर शोक संतृप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।

 

 

 

विधायक ने बताया कि मात्र 25 वर्ष की आयु में देश की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनके बलिदान ने जहां पूरे क्षेत्र को शोक एवं गर्व से भर दिया है, वहीं परिवार और शुभचिंतकों को गहरे दुख में डुबो दिया है।शनिवार शाम राजौरी के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन शेरावाली के दौरान लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी तलाशी दल का नेतृत्व कर रहे थे। अभियान के बीच अचानक संतुलन बिगड़ने से वह गहरी खाई में गिर गए। साथी जवानों ने तत्काल उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उनका निधन हो गया।

यह भी पढ़ें 👉  Almora:-अल्मोड़ा नगर की 7से10 जून को ये मार्ग रहेगा बंद

 

 

 

अल्मोड़ा के अथरबनी पाण्डेखोला निवासी तथा मूल रूप से बाड़ी, बग्वालीपोखर के रहने वाले बीरेश्वर बचपन से ही सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा का सपना देखते थे। उनकी प्रतिभा और मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने आर्मी स्कूल रानीखेत, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल और ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। स्नातक में वह रजत पदक विजेता रहे। एनडीए परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ-साथ उनका चयन कैट, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और इंग्लैंड के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने देश सेवा का मार्ग चुना।जनवरी 2023 में सेना में शामिल हुए बीरेश्वर को जून 2024 में कमीशन प्राप्त हुआ था। विडंबना यह रही कि मात्र दो दिन बाद उन्हें कैप्टन पद पर पदोन्नत किया जाना था, लेकिन उससे पहले ही वह मातृभूमि की रक्षा करते हुए अमर हो गए।उनके पिता भनोली तहसील में मुख्य प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं,

 

 

 

 

जबकि माता सरस्वती गोस्वामी प्राथमिक विद्यालय वलसा में प्रधानाध्यापिका हैं।दो भाइयों में छोटे बीरेश्वर परिवार की आंखों का तारा थे। उनकी विनम्रता, प्रतिभा और मिलनसार स्वभाव के कारण वह हर किसी के प्रिय थे।अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने शहीद अधिकारी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का बलिदान पूरे अल्मोड़ा और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देना असाधारण साहस और समर्पण का परिचायक है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:उत्तराखंड में प्रारंभिक बचपन के विकास को मिलेगी नई रफ्तार; WECD और दोस्त लर्निंग फाउंडेशन के बीच MoU हस्ताक्षरित

 

 

 

विधायक ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि बीरेश्वर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका बलिदान, उनकी देशभक्ति और उनकी प्रेरणादायक जीवन यात्रा हमेशा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।अल्मोड़ा का यह वीर सपूत अब इतिहास के उन अमर नामों में शामिल हो गया है, जिन पर पूरा देश सदैव गर्व करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *