Almora News:अल्मोड़ा पुलिस का ‘साइबर जागरूकता 2.0’ अभियान: बहुउद्देशीय शिविरों व बाजारों में लोगों को किया सतर्क, दिलाई शपथ
एसएसपी अल्मोड़ा के निर्देशन में “साइबर जागरूकता 2.0” अभियान जारी
द्वाराहाट, चौखुटिया, सोमेश्वर, लमगड़ा, दन्या एवं देघाट पुलिस ने बहुउद्देशीय शिविरों व बाजारों में चलाया जागरूकता अभियान
साइबर ठगी, म्यूल खातों एवं डिजिटल अरेस्ट के प्रति किया जागरूक, साइबर सुरक्षा की दिलाई शपथ
श्री चंद्रशेखर घोडके, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा के निर्देशन में जनपद में “साइबर जागरूकता 2.0” अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, नगर-कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में *सीओ अल्मोड़ा श्री बलवन्त सिंह एवं सीओ रानीखेत श्रीमती भावना कैंथोला* के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली द्वाराहाट श्री विनोद जोशी के नेतृत्व में म0व0उ0नि0 श्रीमती मीना आर्या द्वारा थाना परिसर में, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चौखुटिया श्री अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा बहुउद्देशीय शिविर जौरासी में, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सोमेश्वर श्री मदन मोहन जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा बाजार क्षेत्र में, थानाध्यक्ष लमगड़ा श्री प्रमोद पाठक के नेतृत्व में चौकी प्रभारी मोरनौला श्री नरेश कोहली द्वारा शरहफाटक बाजार में, थानाध्यक्ष दन्या श्री दिनेश नाथ महंत के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा ध्याड़ी बाजार व धौलछीना ब्लॉक में तथा थानाध्यक्ष देघाट श्री अजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा जौरासी क्षेत्र में स्थानीय लोगों को साइबर जागरूकता 2.0 अभियान के तहत जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान आमजन को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, अनजान लिंक तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया। साथ ही OTP, बैंक खाते एवं अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा करने से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत किया गया।
इसके अतिरिक्त म्यूल बैंक खातों के संबंध में जागरूक करते हुए बताया गया कि साइबर अपराधी ठगी की रकम प्राप्त करने एवं उसे अन्य खातों में स्थानांतरित करने के लिए दूसरे व्यक्तियों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कमीशन या अन्य लालच में आकर अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें और न ही अपने खाते के माध्यम से किसी अनजान व्यक्ति की धनराशि का लेन-देन करें। ऐसा करना साइबर अपराध में संलिप्तता का कारण बन सकता है तथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस टीमों द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए आमजन से संदिग्ध कॉल एवं संदेशों से सतर्क रहने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने तथा किसी भी व्यक्ति के साथ OTP या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने की अपील की गई। साथ ही बताया गया कि कोई भी पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे जमा करने के लिए नहीं कहती। ऐसी कॉल आने पर घबराएं नहीं और किसी के दबाव में आकर धनराशि हस्तांतरित न करें।
अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा स्वयं जागरूक रहकर दूसरों को भी साइबर ठगी के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने अथवा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त यातायात नियमों का पालन करने, महिला संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अपने आसपास किसी भी घटना, संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल टोल फ्री नंबर 112 पर सूचना देने हेतु भी जागरूक किया गया।