भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में ‘हिन्दी प्रोत्साहन पखवाड़ा’ व ‘रिफॉर्म उत्सव’ का समापन, उत्कृष्ट कर्मियों व बच्चे हुए पुरस्कृत

भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में ‘हिन्दी प्रोत्साहन पखवाड़ा’ व ‘रिफॉर्म उत्सव’ का समापन, उत्कृष्ट कर्मियों व बच्चे हुए पुरस्कृत
अल्मोड़ा। भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (V PKAS), अल्मोड़ा में गत 14 सितंबर से आयोजित ‘भाकृअनुप रिफॉर्म उत्सव एवं हिन्दी प्रोत्साहन पखवाड़े’ का 30 सितंबर 2026 को समापन समारोह व पुरस्कार वितरण कार्यक्रम अत्यंत उत्साह एवं गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् एवं परिषद गीत से किया गया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने सभी कार्मिकों को हिन्दी पखवाड़े के सफल आयोजन की बधाई दी। उन्होंने संस्थान को नराकास (नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति) की प्रशंसनीय श्रेणी में पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रभारी राजभाषा अधिकारी श्रीमती रेनू सनवाल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजभाषा को जब तक हम अपने दैनिक जीवन और कार्य संस्कृति का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तब तक इसके संवर्धन का लक्ष्य अधूरा रहेगा। संस्थान द्वारा हिंदी में कई नवोन्मेषी कार्य भी किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के हिंदी विभाग की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. गीता खोलिया उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और धरोहर है। संस्कृत से शुरू होकर पाली, प्राकृत और अपभ्रंश से गुजरती हुई हिंदी आज विश्व पटल पर एक सशक्त भाषा के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि तकनीकी युग में हमें दैनिक जीवन और प्रशासनिक कामकाज में हिंदी के प्रयोग को लेकर अधिक सहज और सजग रहने की आवश्यकता है।
प्रभारी राजभाषा अधिकारी श्रीमती रेनू सनवाल ने बताया कि 14 से 30 सितंबर तक चले इस पखवाड़े के दौरान टंकण, हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन, लोकोक्तियाँ व मुहावरे, राजभाषा ज्ञान तथा स्वरचित काव्य पाठ जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
विजेता एवं प्रतिभागी हुए सम्मानित: समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों, अधिकारियों व कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में डॉ. बृज मोहन पाण्डेय, डॉ. अनुराधा भारतीय, डॉ. प्रकाश चन्द्र घासल, डॉ. प्रताप दिवेकर, डॉ. संथिया एस., डॉ. प्रियंका खाती, ई. दिनेश चन्द्र मिश्र, ओम प्रकाश विद्यार्थी, वरूण सुप्याल, चारू चन्द्र जोशी, मनोज भट्ट, सचिन कुमार पाण्डे, विवेक सैनी, शीतल कुमार शर्मा, आनन्द सिंह, देवेन्द्र सिंह कार्की, अभिनव सिंह, नन्दन सिंह रजवार, संजय जोशी, कु. आकांक्षा, दीपक कुमार, कु. काजोल बिष्ट, डॉ. राखी गौतम, वर्षा चौहान, डॉ. भावना ममगई, तनुज कुमार, मनोज सिंह पवार, जलज धामी एवं कमलेश कुमार शामिल रहे।
बच्चों के काव्य पाठ ने मोहा मन: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संस्थान परिवार के बच्चों द्वारा प्रस्तुत काव्य पाठ रहा। उत्कृष्ट काव्य पाठ के लिए कु. आराध्या मलिक, कु. आर्या, कु. ओजस्वनी, कु. तृषा जोशी तथा कु. रीतिका विद्यार्थी को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।
काव्य पाठ प्रतियोगिता में डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ, डॉ. कृष्ण कान्त मिश्रा, डॉ. बृज मोहन पाण्डेय तथा डॉ. कुशाग्रा जोशी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. प्रियंका खाती ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।