Bageshwar News:​बागेश्वर-गरुड़ NH पर सड़क बंद होने से थमीं सांसें: एंबुलेंस में 1 घंटे जिंदगी और मौत से जूझती रही अस्थमा मरीज

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बारिश के बीच सड़क बंद होने से एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की पोल खुल गई। बागेश्वर-गरुड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रवांईखाल के समीप सड़क बंद होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ से जिला अस्पताल के लिए रेफर की गई महिला मरीज को लेकर आ रही एंबुलेंस करीब एक घंटे तक सड़क पर फंसी रही।

महिला को अस्थमा का अटैक पड़ा था और उसकी हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। एंबुलेंस के जाम में फंसने से मरीज के स्वजन भी परेशान रहे। बताया गया कि महिला को अस्थमा का गंभीर अटैक पड़ने के बाद बैजनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया।

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एंबुलेंस मरीज को लेकर रवाना हुई, लेकिन रवांईखाल के पास सड़क बंद होने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। करीब एक घंटे तक एंबुलेंस के सड़क पर फंसे रहने से मरीज के साथ आए स्वजन बेहद परेशान रहे। गंभीर मरीज के लिए एक-एक मिनट कीमती होता है, लेकिन यहां सड़क बंद होने के बाद एंबुलेंस को निकालने की व्यवस्था में लगा समय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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राहत और बचाव के दावों के बीच सवाल यह है कि जब बारिश के दौरान जिले के प्रमुख मार्ग बार-बार बंद हो रहे हैं तो आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और त्वरित मार्ग खोलने की तैयारी आखिर कहां है? काफी इंतजार के बाद मार्ग खुलने पर एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची।

महिला को अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, जिसके बाद उसके स्वजन ने राहत की सांस ली। हालांकि घटना ने साफ कर दिया कि बारिश और सड़क बंद होने की स्थिति में बीमार और गंभीर मरीजों के लिए हर मिनट कितना भारी पड़ सकता है।

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