Uttrakhand News:उत्तराखंड में भारी बारिश से हाहाकार: कैंची धाम में शिप्रा का रौद्र रूप, नैनीताल में 23 घर खाली कराए, चमोली में उफनाईं नदियां

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देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने तबाही मचाई है. बारिश का सबसे बुरा असर उत्तराखंड में दिख रहा है. भारी बारिश के कारण नदियां और नाले भी उफान पर आ गए हैं. ऋषिकेश में बिन नदी पहले से ही उफान पर थी वहीं हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर बढ़ गया.

हल्द्वानी में मंगलवार को खत्म हुए 24 घंटों में 192 मिमी बारिश दर्ज की गई. वहीं, कैंची धाम की शिप्रा नदी के रौद्र रूप ने लोगों को हैरत में डाल द‍िया. मंदिर के बाहर अमूमन शांत बहने वाली शिप्रा नदी में मंगलवार को इतना अधिक पानी था कि विश्वास करना मुश्किल हो गया. भवाली से शुरू होकर गरमपानी खैरना में कोसी नदी में मिलने वाली शिप्रा नदी अपने दूसरे ही रूप में दिखी. सोमवार की रात लगातार हो रही बार‍िश के कारण इस शांत नदी में जमकर पानी आ गया. मंगलवार के बावजूद भक्तों की कम संख्या के चलते मंदिर के सामने वाला हिस्सा भी खाली खाली नजर आया. मंदिर की सुरक्षा दीवार और पुल के खंभे सशक्त होने के कारण मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है. मंदिर में पूजा अर्चना अन्य दिनों की तरह ही हुई.

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🌸नैनीताल के पाण्डे छोड़ गांव में मकानों के भीतर घुसा नाले का पानी

नैनीताल जिले में अलचौना के पाण्डेछोड़ गांव के घरों में पीछे से बहने वाले ककड़िया नाले का पानी आना शुरू हुआ. दोपहर होते होते नाले से आने वाले पानी का बहाव बहुत तेज हो गया, जो लगभग दो दर्जन घरों में घुस गया. प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर सभी प्रभावित लोगों को उनके बहुमूल्य समान के साथ सुरक्षित जगह पहुंचाया. बरसाती नाले का पानी बढ़ने के साथ ही घर को भी खतरा हो गया, जिससे लोगों ने घरों के भीतर से सामान निकाला गया. पीड़ितों का काफी नुकसान बताया जा रहा है. प्रशासन ने नोटिस जारी कर यहां रहने वाले 23 परिवारों को जगह खाली करने को कहा है.

🌸चमोली में नदी किनारे रहने वाले लोगों को क‍िया गया सतर्क

उधर, चमोली में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित है. जिले में कई स्थानों पर सड़कें बंद हैं, वहीं अलकनंदा और पिंडर नदियां भी उफान पर हैं. पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे लोगों में दहशत का माहौल है. तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कर्णप्रयाग क्षेत्र में पिंडर नदी का पानी और तेज लहरें नदी किनारे बने आवासीय भवनों, होटलों और अन्य घरों के करीब तक पहुंच रही हैं. लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों से लगातार सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है.

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प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, ऐसे में लोग नदी और गदेरों के आसपास जाने से बचें. वहीं,स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर लापरवाही से नदी के बेहद करीब आवासीय भवन और अन्य निर्माण किए गए हैं। बारिश के दौरान जब नदी का जलस्तर बढ़ता है तो ऐसे निर्माणों पर खतरा बढ़ जाता है और लोगों को नुकसान की आशंका बनी रहती है. फिलहाल लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.

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