मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निश्शुल्क यात्रा की घोषणा की है।

इसका लाभ प्रदेश की साढ़े छह लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा। योजना से विशेष रूप से पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं को राहत मिलेगी।
धामी सरकार इससे पहले भी महिला सशक्तीकरण को लेकर कई योजनाएं लागू कर चुकी है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण, लखपति दीदी, एकल महिला स्वरोजगार और महालक्ष्मी किट जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

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🌸पिंक ई-बस और हाईटेक टायलेट के जरिए महिलाओं की सुरक्षा

शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को सुरक्षित एवं आरामदायक परिवहन सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित करने की घोषणा की गई है।

🌸लखपति दीदी अब बनेगी उद्यमी

लखपति दीदी योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी तीन लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। अब महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा दो लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये की जाएगी।

🌸सशक्तीकरण से गरिमा तक

सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के बाद सरकारी सेवाओं में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ा है। महिलाओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक हाईटेक टायलेट बनाने की भी घोषणा की गई है।

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उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारी सरकार हर उम्र की महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुझे उम्मीद है कि रोडवेज की बस में निशुल्क यात्रा और पिंक ई बस सेवा के जरिए महिलाएं, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकेंगी।’