अल्मोड़ा काफलीखान के रवि टम्टा: हुनर और पारिवारिक प्रोत्साहन की मिसाल”सपनों को मिली अपनों की उड़ान: अल्मोड़ा के रवि टम्टा की
“अल्मोड़ा काफलीखान के रवि टम्टा: हुनर और पारिवारिक प्रोत्साहन की मिसाल”सपनों को मिली अपनों की उड़ान: अल्मोड़ा के रवि टम्टा की प्रेरणादायक कहानी
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले स्थित काफलीखान (धौलादेवी) के रहने वाले रवि टम्टा आज अपने अनोखे नवाचार और प्रतिभा के कारण चर्चा में हैं। अपनी लगन और मेहनत के बल पर उन्होंने एल्युमिनियम का काम करते हुए 1-सीटर हेलीकॉप्टर तैयार कर दिखाया है, और अब वे 2-सीटर मॉडल विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं जड़ें
रवि टम्टा एक संस्कारी और संयुक्त पर्वतीय परिवार से आते हैं:
* पिता: हरीश टम्टा (हरीश राम टम्टा)
* माता: हिमन्ती देवी
* दिवंगत दादाजी (बुबु): स्व. प्रताप राम
* पत्नी एवं पुत्री: विनीता टम्टा एवं 5 वर्षीय पुत्री जेनिफर
* भाई-बहन एवं रिश्तेदार: बड़े भाई दीपक टम्टा, भाभी ममता, भतीजा अखिल, बड़ी बहन पुष्पा, जीजा गोपाल, भांजे दिव्यांशु व दीक्षित, तथा भांजी पावनी। परिवार के वरिष्ठ जनों में ताऊ अर्जुन, ताऊ कृष्ण, ताई मोहनी देवी व लक्ष्मी देवी तथा चाचा गोपाल टम्टा, चाचा सुभाष टम्टा और चचेरे भाई जोगा व धीरज टम्टा का भी मार्गदर्शन एवं स्नेह प्राप्त है।
बचपन की रुचि से नवाचार तक:-
रवि को बचपन से ही कुछ न कुछ नया रचने और प्रयोगात्मक (खुर्द-बुर्द/खुरापाती) काम हाथों से करने का शौक था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गुरड़ाबांज (हाईस्कूल) और नैनीताल (इंटरमीडिएट) से पूरी की। उनके इस हुनर को निखारने में उनके पिता हरीश राम टम्टा का निरंतर समर्थन और आर्थिक सहयोग रहा। पिता के शब्दों में, “बच्चे की इस रुचि को हमने शुरू से बढ़ावा दिया और हर संभव सपोर्ट किया। उम्मीद है कि भविष्य में यह बच्चा जिले के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन करेगा।”
भविष्य की दिशा
वर्तमान में 1-सीटर हेलीकॉप्टर मॉडल सफलतापूर्वक तैयार करने के बाद अब रवि टम्टा 2-सीटर मॉडल पर काम करने की योजना बना रहे हैं। उनके इस अनूठे प्रयास और सफलता से उनकी 5 वर्षीय बेटी जेनिफर सहित पूरा टम्टा परिवार और गाँव अत्यंत गौरवान्वित व प्रसन्न है।
भविष्य की उड़ान: युवा इनोवेटर ने तैयार किया फुल्ली इलेक्ट्रिक ‘फ्लाइंग व्हीकल’, हर घर तक ‘स्काई मोबिलिटी’ पहुँचाने का सपना
उत्तराखंड: भविष्य के यातायात और निजी गतिशीलता (Personal Mobility) की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, स्थानीय युवा इनोवेटर ने एक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल (eVTOL – prototype) तैयार किया है। इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक, प्रदूषण और आपातकालीन परिस्थितियों (जैसे मेडिकल इमरजेंसी) की चुनौतियों का समाधान करना है।
बचपन का शौक और वर्षों की मेहनत
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए इनोवेटर ने बताया कि उन्हें बचपन से ही उड़ने (Flying) का बेहद शौक था।
* शुरुआती प्रयास: वर्ष 2015-16 के आसपास उन्होंने एक ‘सिंगल सीटर हेलीकॉप्टर’ भी बनाया था, लेकिन कुछ तकनीकी कमियों के कारण वह पूरी तरह सफल नहीं हो पाया था।
* भविष्य की विजन: इस असफलता से सीख लेते हुए उन्होंने ‘स्काई मोबिलिटी’ पर काम शुरू किया, ताकि आने वाले समय में जैसे आज हर घर में कार या बाइक उपलब्ध है, वैसे ही लोग हवा और सड़क दोनों रास्तों से आसानी से सफर कर सकें।
मुख्य विशेषताएं और तकनीकी मानक
* इलेक्ट्रिक तकनीक: यह वाहन 100% फुल्ली इलेक्ट्रिक है।
* उड़ान क्षमता व गति: यह प्रोटोटाइप 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ने और 150 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने में सक्षम है।
* बैटरी बैकअप: एक बार फुल चार्ज होने पर यह लगभग 1 घंटे तक उड़ान भर सकता है।
* सुरक्षा इंतज़ाम: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इसमें इजेक्टिंग पैराशूट (Injecting Parachute) जैसी सुरक्षा तकनीक शामिल की गई है।
अनुमति और आगामी योजनाएँ
* सफलतापूर्वक टेस्टिंग: 6 जून को इस प्रोटोटाइप की सफल टेस्टिंग की जा चुकी है।
* प्रशासनिक प्रक्रिया: उड़ानों और सुरक्षा मानकों के लिए DGCA और संबंधित सरकारी एजेंसियों से अनुमति (Permissions) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
* स्थानीय सहयोग: जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की टीम लगातार इस प्रोजेक्ट को सहयोग प्रदान कर रही है।
* हल्द्वानी शिफ्टिंग: इनोवेटर का कहना है कि सुरक्षा और बड़े टेस्टिंग फील्ड की आवश्यकता को देखते हुए वे जल्द ही इसे हलद्वानी ले जाने की योजना बना रहे हैं, जहाँ इसे और बेहतर तरीके से टेस्ट किया जाएगा।
“हमारा लक्ष्य आने वाले कुछ ही सालों में इस तकनीक को आम लोगों के लिए बाज़ार में उपलब्ध कराना है, ताकि भविष्य में हर कोई निजी उड़ानों का लाभ ले सके।” इनोवेटर
पिता हरीश राम टम्टा और उनके सुपुत्र (जिन्होंने एल्युमिनियम का हेलीकॉप्टर बनाया है) की इस शानदार उपलब्धि से पूरा परिवार और क्षेत्र अत्यंत गौरवान्वित है।
परिवार का सहायता और प्रयास:
“बचपन से लेकर आज तक यह काम करते आ रहे हैं। हमें भी अच्छा लगता है और हम अपनी तरफ से पूरा सपोर्ट करते हैं। इसके लिए आ…
उनके पिता के मुख्य वक्तव्य
“बचपन से ही इसका (प्रोजेक्ट/काम का) शौक था और लगातार कुछ न कुछ खुरापाती काम हाथ से करता रहता था। हाईस्कूल गुरड़ाबांझ से और इंटरमीडिएट नैनीताल से पूरा किया।”
* सहायता और प्रयास:
“बचपन से लेकर आज तक यह काम करते आ रहे हैं। हमें भी अच्छा लगता है और हम अपनी तरफ से पूरा सपोर्ट करते हैं। इसके लिए आर्थिक सहायता (पैसे आदि) भी देनी पड़ती है।”
उपलब्धि एवं आगे की योजनाएँ:
“अभी तक एल्युमिनियम का हेलीकॉप्टर बनाया है। दो हेलीकॉप्टर तैयार हो चुके हैं और आगे भी बनने वाले हैं। फिलहाल यह 1-सीटर है, इसके बाद 2-सीटर मॉडल भी तैयार किया जाएगा।”
* भविष्य की उम्मीदें:
“आगे भी काफी उम्मीदें हैं और यह काम आगे बढ़ेगा। उम्मीद है कि भविष्य में बच्चा पहले अपने जिले का और फिर पूरे देश का नाम रोशन करेगा।”
* शुभकामनाओं पर प्रतिक्रिया:
” मुख्यमंत्री (CM) साहब सहित सभी लोगों के बधाई संदेश आ रहे हैं, जिसके लिए सभी का धन्यवाद। लोगों का प्यार देखकर बहुत खुशी और प्रसन्नता हो रही है।”
परिवार का सहयोग और अपार खुशी
इस अभूतपूर्व सफलता और पूरे देश से मिल रही सराहना से संपूर्ण टम्टा परिवार में जश्न और हर्षोल्लास का माहौल है। परिवार के प्रत्येक सदस्य को इस हुनर और लगन पर बेहद गर्व है:
* माता-पिता एवं वरिष्ठ सदस्य: पिता हरीश टम्टा एवं माता हिमन्ती देवी अपने बेटे के इस हुनर और राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान से बेहद भावुक और प्रसन्न हैं। ताऊ अर्जुन, ताऊ कृष्ण, ताई मोहनी देवी और लक्ष्मी देवी का आशीर्वाद निरंतर बना हुआ है।
* भाइयों एवं भाभियों का हर्ष: बड़े भाई दीपक टम्टा और भाभी ममता, चचेरे भाई जोगा टम्टा और धीरज टम्टा, चाचा गोपाल टम्टा व चाची रेनु टम्टा, तथा चाचा सुभाष टम्टा व चाची अनिता सभी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
* बहनों और जीजाजी की खुशी: बड़ी बहन पुष्पा और जीजा गोपाल जी भी इस सफलता पर बेहद खुश हैं।
* बच्चों में उत्साह: रवि की पत्नी विनीता टम्टा, 5 वर्षीय नन्हीं बेटी जेनिफर, भतीजा अखिल, भांजे दिव्यांशु व दीक्षित और भांजी पावनी—घर के सभी बच्चे इस हेलीकॉप्टर प्रोजेक्ट को देखकर बेहद उत्साहित और आनंदित हैं।
विशेष: उत्तराखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामीसहित तमाम दिग्गजों और क्षेत्रवासियों की ओर से मिल रही बधाइयों ने पूरे ग्राम काफली खानऔर टम्टा परिवार की खुशी को दोगुना कर दिया है।