Uttrakhand Weather Update:उत्तराखंड में मानसून के तल्ख तेवर: 5 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’, मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल
उत्तराखंड में मानसून के तेवर तल्ख हो गए हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को मूसलाधार बारिश हुई। पहाड़ से लेकर मैदान तक झमाझम बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ।
कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही वर्षा से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जबकि देहरादून में भी कई दौर की तेज बारिश के बाद अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से लोगों की चिंता बढ़ गई है। आज भी प्रदेश के पांच जिलों में भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
🌸इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इन जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर पड़ने की भी संभावना जताई गई है।
वहीं, प्रदेश के शेष जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश, गर्जन और बिजली चमकने के साथ तेज वर्षा होने की आशंका है।
🌸कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग साढ़े चार घंटे बाधित
लगातार बारिश का असर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में भी देखने को मिला। मंगलवार रात हुई वर्षा के कारण धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग पर चट्टान दरकने से भारी मलबा सड़क पर आ गया। इससे कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बुधवार सुबह करीब पांच बजे से साढ़े नौ बजे तक बंद रहा।
मार्ग बाधित होने से यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और यात्रियों को करीब साढ़े चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसी मार्ग से दारमा और चौंदास घाटियों का संपर्क भी बना रहता है।
मार्ग बंद होने से इन घाटियों का संपर्क भी प्रभावित हुआ। जिले में फिलहाल 18 ग्रामीण सड़कें बंद होने से 20 हजार से अधिक आबादी प्रभावित बताई जा रही है। प्रशासन सड़कें खोलने के लिए मशीनें लगाकर मलबा हटाने में जुटा है।