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नई दिल्ली, 2 जून 2026।

बालिका सदन, अल्मोड़ा से आए 10 नए बच्चों का नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट में आत्मीय स्वागत किया गया। वर्ष 2021 में उत्तरायण फाउंडेशन एवं नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट द्वारा प्रारंभ की गई ‘नई-उमंग’ पहल के अंतर्गत अब तक कुल 42 बच्चों को शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास का अवसर प्रदान किया जा चुका है।

नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक डॉ. ओ. पी. यादवा तथा सह-प्रबंध निदेशक डॉ. विनोद शर्मा ने बच्चों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि संस्थान बच्चों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है और उन्हें हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।

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इस पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब तक 12 बच्चे अपनी शिक्षा पूरी कर रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं, जबकि 7 अन्य बच्चे अपनी शिक्षा के अंतिम चरण में हैं और शीघ्र ही अपने पैरों पर खड़े होने की ओर अग्रसर हैं। यह कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की भावना को सशक्त रूप से आगे बढ़ा रहा है।

उत्तरायण फाउंडेशन के महासचिव महिपाल पिलखवाल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बच्चों का स्वागत करते हुए उनके सुखद, सुरक्षित एवं सफल भविष्य की कामना की।

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इस अवसर पर महाप्रबंधक (वित्त) सुरेश कुमार शैली, डॉ. नितिन वैश्य, चंद्रा ज़ाडू, दीप्ति पपनै, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पामेला, राजेश कर्णधार, अजय कुमार तथा बालिका सदन, अल्मोड़ा की अधीक्षिका मंजू उपाध्याय एवं उमा बिष्ट भी उपस्थित रहीं। सभी ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफलता की शुभकामनाएँ दीं।

उत्तरायण फाउंडेशन और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट का यह संयुक्त प्रयास केवल बच्चों के जीवन को संवारने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का एक सफल एवं प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं निरंतर प्रगति की कामना की गई।

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