Uttrakhand News:उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बागेश्वर में खड़िया खनन पर लगी रोक को कानूनी रूप से मान्य पट्टाधारकों के लिए हटाकर दी बड़ी राहत
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बागेश्वर में खड़िया खनन पर लगी रोक को कानूनी रूप से मान्य पट्टाधारकों के लिए हटाकर बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी नियमों का पालन करने वाले वैध खनिकों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है, कोर्ट ने अवैध खनन के आरोपों की जांच और पर्यावरण सुरक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन कर जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि खनन कार्य पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम और अन्य वैधानिक मानदंडों के अनुसार ही हों।
आपकों बता दे कि पूर्व में कांडा तहसील के ग्रामीणों ने मुख्य न्यायधीश को पत्र भेजकर कहा था कि अवैध खड़िया खनन से उनकी खेतीबाड़ी, घर, पानी की लाइनें चोपट हो चुकी है। जो धन से सपन्न थे उन्होंने अपना आशियाना हल्द्वानी व अन्य जगह पर बना दिया है। अब गावों में निर्धन लोग ही बचे हुए। उनके जो भी आय के साधन थे उनपर अब खड़िया खनन के लोगों की नजर टिकी हुई है। इस सम्बंध में कई बार उच्च अधिकारियो को प्रत्यावेदन भी दिए लेकिन उनकी समस्या का कुछ हल नही निकला। इसलिए अब हम न्यायलय की शरण मे आये है। उनकी समस्या का समाधान किया जाय।
