Uttrakhand News:उत्तराखंड की आर्थिक उड़ान: 3.81 लाख करोड़ पहुंची राज्य की GSDP, प्रति व्यक्ति आय में भी भारी उछाल
उत्तराखंड में आर्थिक क्षेत्र में पिछले कुछ सालों की तुलना में काफी प्रगतिकी है। प्रदेश के प्रमुख सचिव नियोजन डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े पेश किया। देखिए ये रिपोर्ट
🌸ग्राफिक्स
आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम की प्रेस ब्रीफिंग
वित्तीय वर्ष 2025 – 26 की आर्थिक स्थिति को किया साझा
वित्तीय वर्ष 2025 – 2026 में राज्य GSDP 3 लाख 81 हजार 880 करोड़
वर्तमान में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 73 हजार 921 रुपए
साल 2022 में 1लाख 94 हजार थी प्रति व्यक्ति आय
वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में राज्य की ग्रोथ रेट 7.23%
वित्तीय वर्ष 2022- 23 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में राज्य में गरीबी घटी है
वर्तमान वित्तीय वर्ष में गरीबी दर 6.92प्रतिशत
राज्य में रोजगार दर में बढ़ोतरी हुई
वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में रोजगार दर 64.4 प्रतिशत
वित्तीय वर्ष 2022 में रोजगार दर 60.1 प्रतिशत
राज्य में MSME के क्षेत्र में प्रगति हुई, वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में 79 हजार 394 उद्योग कार्य कर रहे हैं, जबकि साल 2022 में 59 हजार 798 उद्योग कार्य कर रहे थे
राज्य में बड़ी इंडस्ट्री में भी प्रगति हुई है
वित्तीय वर्ष 2025 में 128 बड़ी इंडस्ट्री प्रदेश में काम कर रही है
जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 107 बड़ी इंडस्ट्री कार्य कर रही थी
राज्य में स्टार्टअप के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है
वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में प्रदेश में 1750 स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं
वित्तीय वर्ष 2022-23 में 702 स्टार्टअप प्रदेश में कार्य कर रहे थे
जबकि वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेश में कोई स्टार्टअप नहीं था
प्रदेश में सड़कों के इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी कार्य हुआ है
वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में राज्य का 51278 किलोमीटर सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर है
वित्तीय वर्ष 2022 में 50 हजार 393 किलोमीटर सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर था
राज्य में हवाई सेवाओं के क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुई है
वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में राज्य में 7 हेलीपोर्ट है, जबकि 2022 में केवल 2 हेलीपोर्ट थे
राज्य में 2025- 26 वित्तीय वर्ष में 118 हेलीपैड है जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 60 हेलीपैड थे
राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुईहै
वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में प्राथमिक स्कूलों में 103% बच्चों ने प्रवेश लिया, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 91.19% बच्चों ने स्कूलों में प्रवेश लिया
माध्यमिक स्तर के स्कूलों में वित्तीय वर्ष 2025 26 में 93. 54% बच्चों ने स्कूल में प्रवेश लिया, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा 88.23% था
उच्च शिक्षा के मामले में भी प्रदेश में स्थिति बेहतर हुई है
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में सरकारी और निजी डिग्री कॉलेज की संख्या 134 है, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रदेश में डिग्री कॉलेज की संख्या 124 थी
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 52 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 20 इंजीनियरिंग कॉलेज थे।
प्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुई है
वित्तीय वर्ष 2025- 26 में 16500 मिलियन यूनिट बिजली पैदा हुई
वित्तीय वर्ष 2022-23 में 5157 मिलियन यूनिट बिजली पैदा हुई
प्रदेश में ऊर्जा खपत से भी आर्थिक स्थिति बेहतर होने के आंकड़े
वित्तीय वर्ष 202526 में 17192 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 12518 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई
प्रदेश में सौर ऊर्जा के मामले में भी काफी प्रगति हुई है
वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में 1027 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से प्राप्त हो रही है
जबकि व्यक्ति वर्ष 2022-23 में 439 मेगावाट बिजली ही सौर ऊर्जा से प्राप्त होती थी
पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य में काफी प्रगति हुई है
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य में बजट होटल 10509 है, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में बजट होटल 8225 थे
राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6161 होमस्टे है । जबकि व्यक्ति वर्ष 2022-23 में 3935 होम स्टे मौजूद थे
वि ओ __
आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि राज्य ने कई क्षेत्रों में बेहतर प्रगति की है। राज्य में जीएसपी के आंकड़ों से लेकर प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े कई राज्यों से बेहतरहैं। पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य में काफी प्रगति हुई है। राज्य की इंडस्ट्रियल ग्रोथ और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर काफी बेहतर है।
बाइट _ डाक्टर मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव, नियोजन
वि ओ _
प्रमुख सचिव नियोजन मीनाक्षी सुंदरम ने कहा है कि राज्य में वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में भी GSDP दर 8.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। राज्य में कई क्षेत्रों में बेहतर कार्य हो रहा है जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो रही है। प्रमुख सचिव नियोजन ने कहा कि राज्य में जो कर्ज लिया जा रहा है वह वेतन देने के लिए नहीं बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और अन्य कार्यों के लिए लिया जा रहा है जो किसी भी तरह से गलत नहीं है।
बाइट _ डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव , नियोजन
