Uttrakhand News:मुख्यमंत्री की स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भावनात्मक पहल,वोकल फॉर लोकल’ अभियान को दे रहे मजबूती

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को उत्तराखंड में मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को एक दृश्य ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा जब मुख्यमंत्री का काफिला भारमल दर्शन के बाद पीलीभीत रोड से गुजर रहा था।

सड़क किनारे भुट्टा भूनते एक बुजुर्ग महात्मा की ठेली पर मुख्यमंत्री अचानक रुक गए।

मुख्यमंत्री धामी ने न केवल उस ठेली पर रुककर भुट्टा भुना बल्कि वहां मौजूद एक वृद्ध महिला को भी अपने हाथों से भुना हुआ भुट्टा भेंट किया और उनका हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री की इस आत्मीयता ने न सिर्फ बुजुर्ग महिला बल्कि वहां मौजूद आम लोगों को भी भावुक कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद भी सड़क किनारे खड़े होकर भुट्टे का स्वाद लिया और स्थानीय मेहनतकश लोगों की तारीफ की।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की असली ताकत इसके मेहनतकश श्रमिक, किसान और छोटे व्यापारी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे कारोबार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं और युवाओं को भी इससे सीख लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से आवाहन किया कि वे आत्मनिर्भर बनने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और स्वरोजगार के नए अवसर तलाशें।

मुख्यमंत्री के इस व्यवहार ने यह संदेश दिया कि वे केवल मंचों से भाषण नहीं देते बल्कि व्यवहार में भी स्थानीयता को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक लोग स्थानीय उत्पादों को अपनाकर छोटे व्यापारियों को बढ़ावा नहीं देंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा।

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इस पहल से मुख्यमंत्री धामी ने यह साबित कर दिया कि एक नेता का जनता से जुड़ाव केवल विकास योजनाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर आमजन के बीच रहकर ही मजबूत होता है। उनका यह प्रयास प्रदेश में लोकल उत्पादों को नई पहचान देने की दिशा में एक प्रेरक कदम है, जो आने वाले समय में आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

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