ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड विधानसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा का 5 दिवसीय सत्र 18 फरवरी से शुरू हुआ था। सत्र में नवाचार, कृषि, संपर्क और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के बजट को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, इस बार हमारा बजट एक लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। यह पिछले बजट से 13 फीसदी और उत्तराखंड के पहले बजट से 24 गुना अधिक है। यह हमारे लिए सिर्फ एक वार्षिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि राज्य के भविष्य का खाका है।

यह भी पढ़ें 👉  Pithoragarh News:जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा एवं सहायक नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर

इसके अलावा भूमि सुधार के लिए एक संशोधन विधेयक भी पारित हुआ, जिसमें हरिद्वार और उधम सिंह नगर के मैदानी जिलों को छोड़कर पूरे उत्तराखंड में भूमि खरीद पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में राज्य के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्र केंद्रित हैं।

🌸उत्तराखंड विधानसभा में कठोर भूमि विधेयक पेश

उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम 1950 में संशोधन विधेयक के जरिए पहाड़ी राज्य में भूमि खरीदने की सीमाएं लागू करते हुए भूमि कानूनों को सख्त बनाया गया है। राज्य में कृषि भूमि का आकार पहले से ही कम हो रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  ​Almora News:"डीना पानी में 'जात्रा: द कसार फेस्टिवल 2026' का शानदार आगाज, लोक संस्कृति के रंगों में डूबा अल्मोड़ा"

🌸उत्तराखंड कैबिनेट ने दी नए भू-कानून को मंजूरी, जानिए क्या होगा असर

धामी ने कहा, यह कानून राज्य में भूमि सुधारों की नींव रखेगा और भू-माफिया पर लगाम लगाएगा। इससे भूमि प्रबंधन भी बेहतर होगा। यह राज्य के लोगों की भावनाओं के अनुरूप है और उनके अधिकारों की रक्षा करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *