Almora News :जलापूर्ति ठप रहने से 15 हजार से अधिक की आबादी रही परेशान,नल सूखे रहे और टैंकरों से बुझी प्यास

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अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने से जलस्रोत सूखने लगे हैं, इसका असर पेयजल योजनाओं पर पड़ रहा है। जल संस्थान के मुताबिक जिले भर में 450 से अधिक जल स्रोतों का जलस्तर 50 से 60 प्रतिशत तक घट गया है।

इन जल स्रोतों से संचालित पेयजल योजनाओं से जलापूर्ति घट गई है, इससे लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। हवालबाग, लमगड़ा, धौलादेवी विकासखंड के कई गांवों में जलापूर्ति ठप रहने से 15 हजार से अधिक की आबादी परेशान रही। नल सूखे रहे और टैंकरों से उनकी प्यास बुझी।

गर्मी बढ़ने से जल स्रोतों पर पानी कम हो गया है, इससे पेयजल आपूर्ति पटरी से उतर गई है। रविवार को जिले के तोली, मौनी, नगरखान, बल्टा, डीनापानी, गद्योली, डाक बंगला आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप रही। क्षेत्र की 15 हजार से अधिक की आबादी पानी के लिए जूझती रही। नल में जल नहीं टपकने से लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंप की दौड़ लगानी पड़ी।

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सूचना के बाद जल संस्थान ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर, पिकअप, डंपरों से पानी बांटकर लोगों को राहत पहुंचाई। ग्रामीणों ने कहा कि करोड़ों की पेयजल योजनाओं के बाद भी उन्हें इनसे पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। यह समस्या हर दिन गंभीर होते जा रही है। वहीं जल संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि कई योजनाएं निर्माणाधीन हैं तो कई योजनाओं में जलस्तर घटने से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही। ऐसे में जल संस्थान टैंकरों के माध्यम से लोगों की जरूरत पूरी कर रहा है। 

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प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल टैंकर, पिकअप भेजकर पानी वितरित किया गया। अधिकांश पेयजल योजनाओं से जल स्रोतों का जलस्तर घटने से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही। संस्थान लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।

-वीएस मेहता, एई जल संस्थान अल्मोड़ा।

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