Almora News :जिले में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से इलाज के लिए भटकने के लिए मजबूर मरीज,बच्चों के इलाज के लिए भी चिकित्सक नहीं

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जिले के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से मरीज इलाज कराने के लिए भटकने के लिए मजबूर हैं। अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए भी चिकित्सक नहीं है। चौखुटिया, भिकियासैंण, लमगड़ा सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से परिजन बच्चों के इलाज के लिए 80 से 100 किमी की दौड़ लगा रहे हैं।

चौखुटिया, भिकियासैंण, लमगड़ा सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ के पद स्वीकृत हैं लेकिन यहां इनकी तैनाती नहीं हो सकी है। इन अस्पतालों में हर रोज 120 से अधिक अभिभावक अपने बच्चों के इलाज के लिए पहुंचते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से उन्हें हायर सेंटर रेफर करना अस्पताल प्रबंधन की मजबूरी है। इन हालात में अभिभावक बच्चों को लेकर 80 से 100 किमी दूर जिला मुख्यालय या अन्य अस्पतालों की दौड़ लगा रहे हैं। 

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💠विशेषज्ञों के पीजी के लिए जाने से बढ़ी दिक्कत

अल्मोड़ा। जिले के अस्पतालों में तैनात विशेषज्ञों के पीजी के लिए जाने से दिक्कत बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक वर्तमान में 39 चिकित्सक पीजी के लिए गए हैं। इनमें विशेषज्ञ भी शामिल हैं। ऐसे में मरीजों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर उपचार मिलना मुश्किल हो गया है और वे हायर सेंटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।

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निश्चित तौर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। इन पदों पर शासन स्तर से ही नियुक्ति संभव है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास हो रहे हैं।

डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।

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