Uttarakhand News:एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता, बाघ की खाल और हड्डियों के साथ पिता-पुत्र सहित तीन तस्करों को दबोचा

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स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और वन विभाग ने बाजपुर में ट्रक से बाघ की खाल और हड्डी की तस्करी कर रहे वन्यजीव तस्कर अर्जुन उर्फ कौवा गैंग के पिता-पुत्र समेत तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

🔹जाने मामला

एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि तस्कर बाघ की खाल काशीपुर से रुद्रपुर में बेचने के लिए ला रहे थे।पकड़े गए तस्कर कुलविंदर सिंह उसका पुत्र शमशेर सिंह और तीसरा जोगा सिंह है। तीनों शिव कालोनी सरवरखेड़ा जसपुर के निवासी हैं। इनके पास से दो बाघ की खाल और 35 किलो हड्डी बरामद हुई है।

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वन विभाग ने तीनों पर एफआइआर दर्ज कर जेल भेज दिया। पूछताछ में सामने आए कुछ अन्य तस्करों की तलाश शुरू कर दी है।

🔹सही साबित हुई आशंका, बाघों पर खतरा बरकरार?

वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (दिल्ली) वन विभाग के अधिकारियों के पास 30 जून को मेल के माध्यम से आशंका और अलर्ट से भरा पत्र पहुंचा था। मामला बाघों की सुरक्षा से जुड़ा था। आशंका शिकारियों की सक्रियता को लेकर थी।

🔹उत्तराखंड में 560 बाघो की संख्या 

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जुलाई से अब तक ऊधम सिंह नगर में बाघ तस्करी से जुड़े दस लोगों के एसटीएफ और वन विभाग के हत्थे चढ़ने से आशंका सच साबित हो रही है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि बाघों की संख्या को लेकर देश में तीसरे नंबर के राज्य उत्तराखंड में इन पर खतरा तो नहीं मंडरा रहा।हालांकि, बाघों को किस डिवीजन में मारा गया था, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उत्तराखंड में 560 बाघ हैं। पहले नंबर पर मध्य प्रदेश और दूसरे पर कर्नाटक है।