आपदा प्रबंधन पर नए सिरे से सोचने के लिए देहरादून में होगा अंतरराष्ट्रीय मंथन, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल 

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जी-20 के बाद अब देश में नवंबर में आपदा प्रबंधन पर छठी वर्ल्ड कांफ्रेंस होगी। इससे पहले उत्तराखंड सहित कई राज्यों में प्री कांफ्रेंस होगी। देहरादून में प्री कांफ्रेंस चार अगस्त को आयोजित होगी, इसकी तैयारी शुरू हो गई है।

🔹इसमें दुनिया के 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, छात्र, शोधार्थी होंगे शामिल

इंटरनेशनल डिजास्टर सोसाइटी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) संयुक्त रूप से इस कांफेंस का आयोजन 28 नवंबर से एक दिसंबर के बीच करेंगे। यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने बताया कि जून माह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कांफ्रेंस का पोस्टर जारी किया था। इसमें दुनिया के 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, छात्र, शोधार्थी शामिल होंगे। यूकॉस्ट इस कांफ्रेंस का वैज्ञानिक एवं तकनीकी समन्वयक है।

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🔹देहरादून में चार अगस्त को कराई जाएगी पहली प्री कांफ्रेंस

उन्होंने बताया कि देशभर में अलग-अलग राज्यों में प्री कांफ्रेंस होंगी, जिसके तहत देहरादून में चार अगस्त को पहली प्री कांफ्रेंस कराई जाएगी। इसके बाद नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में प्री कांफ्रेंस होंगी। डॉ. पंत ने बताया कि इस कांफ्रेंस का विषय स्ट्रेंथनिंग क्लाइमेट एक्शन एंड डिजास्टर रिसाइलेंस है। विभिन्न राज्यों व देशों में अपनाई जा रही तकनीकों से दूसरे देशों में भी आपदा प्रबंधन आसान होगा।

🔹जापान की मशीनें भी इस वर्ल्ड कांफ्रेंस में की जाएंगी प्रदर्शित

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जापान ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काफी काम किया है। उनकी मशीनें भी इस वर्ल्ड कांफ्रेंस में प्रदर्शित की जाएंगी। सभी देशों को इसके लिए आमंत्रण भेजा जा चुका है। विभिन्न कारणों से नदियां जब रास्ता बदलती हैं, तो इससे भी काफी जन-धन की हानि होती है। इस पर भी सम्मेलन में विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

🔹आपदाओं की दृष्टि से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील राज्य

प्रो. दुर्गेश पंत, महानिदेशक, यूकॉस्ट ने बताया कि आपदाओं की दृष्टि से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील राज्य है। आपदा प्रबंधन पर होने वाली छठीं वर्ल्ड कांफ्रेंस में विश्वभर के विशेषज्ञ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोग प्रतिभाग करेंगे।