Almora: एसएसजे कैंपस में एक दिवसीय ‘हरेला एवं पर्यावरण संरक्षण’ संगोष्ठी का हुआ आयोजन

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हरेला एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजन किया गया। जहाँ इस अवसर पर संरक्षक रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जगत सिंह बिष्ट, कार्यक्रम अध्यक्ष रूप में प्रो. इला साह, कार्यक्रम संयोजक रूप में हरेला पीठ की निदेशक डॉ. प्रीति आर्या,वक्ता रूप में डॉ. पी. एस. बिष्ट,

 

 

संचालन डॉ. गीता खोलिया, बीज वक्ता प्रो. देव सिंह पोखरिया और डॉ. तेजपाल सिंह आदि ने हरेला पीठ की उपलब्धि एवं संगोष्ठी की विस्तार से रूपरेखा प्रस्तुत की साथ ही हरेला की महत्ता बताते हुए दीप प्रज्ज्वलित किया।

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हरेला एवं पर्यावरण संरक्षण के मुख्य वक्ता के रूप में आये डी. आर. डी ओ के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. पी. एस. बिष्ट ने रोल ऑफ प्लांट टिश्यू कल्चर इन कंजर्वेशन ऑफ एनवायरनमेंट विषय पर विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने अड्वेंशस शूट्स, कैलोस, क्लोन, इन विट्रो, प्लांटलेट्स, मेक्रोन्यूट्रिएंट्स, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स,प्लांट्स हार्मोन्स, पोलन कल्चर, प्रोटोप्लास्ट कल्चर, ऑर्गन कल्चर आदि की जानकारी दी।

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इसके साथ ही प्लांट ऊतक संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टिश्यू कल्चर एक हाईटेक हरेला है। ऊतक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा की।

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