मानहानि केस में राहुल गांधी को 2 साल की सजा,कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों में किया प्रदर्शन

सूरत – सूरत जिला अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनकी कथित “मोदी उपनाम” टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ दायर 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में दो साल की जेल की सजा सुनाई। क्षण भर बाद, अदालत ने उन्हें जमानत दे दी, और 30 दिनों की अवधि के लिए अपने आदेश पर रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता उच्च न्यायालय में अपील कर सकें।
गांधी के खिलाफ भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी द्वारा 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक लोकसभा चुनाव रैली में की गई टिप्पणी के लिए दर्ज कराई गई , और शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।
आक्रोश में आकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों में किया प्रदर्शन
देशभर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया ।उत्तराखंड में भी एआईसीसी के सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के साथ सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया कांग्रेस नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी को दी गई सजा के विरोध में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र को बचाने में लगे हुए हैं लेकिन केंद्र सरकार उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ हैं और मांग करते हैं कि राहुल गांधी के साथ-साथ उनको भी जेल में डाला जाए।
अदालत में अपील के लिए 30 दिन की दी गयी जमानत
राहुल गांधी को दो साल की सजा और पंद्रह हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि उन्हें जमानत भी मिल गई है। सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को जमानत दे दी है। सजा मिलने के बाद याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी के वकील केतन रेशमवाला ने कहा कि अदालत ने उन्हें आईपीसी 499 और 500 के तहत दोषी ठहराया है। साथ ही उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिन का समय देते हुए जमानत दे दी गयी है।
रिपोर्टर-रोशनी बिष्ट