Uttrakhand News :देहरादून, अल्मोड़ा व चंपावत समेत पांच जिलों की लापरवाही आई सामने,स्वर्ग सिधार गए 4658 बुजुर्गों के खातों में जा रही वृद्धावस्था पेंशन

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रामनगर ब्लाक के भलोन गांव में रहनी वाली हंसी देवी छिम्वाल को एक साल से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिली है। हल्द्वानी के रोशन कुमार पेंशन के लिए समाज कल्याण निदेशालय तक गुहार लगा चुके हैं।

दोनों को आज तक पेंशन नहीं मिली, लेकिन देहरादून, अल्मोड़ा व चंपावत समेत पांच जिलों में स्वर्ग सिधार गए 4658 बुजुर्गों के खातों में वृद्धावस्था पेंशन के 3.21 करोड़ रुपये पहुंच गए। ये जानकारी दैनिक जागरण की ओर से सूचना का अधिकार (आरटीआइ) के तहत मांगी सूचना में सामने आई है।

प्रदेश में 500901 लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन, 204376 लाभार्थियों को विधवा और 89435 लाभार्थियों को दिव्यांग पेंशन का लाभ मिल रहा है। पहले पेंशन साल में चार किस्तों में मिलती थी, लेकिन सरकार ने बुजुर्ग, दिव्यांग व विधवाओं की परेशानियों को देखते हुए हर महीने देने के आदेश दिए। जिम्मेदारों ने इस पर अमल भी शुरू कर दिया।

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💠मरे हुए 4658 बुजुर्गों के खाते में जारी वृद्धा पेंशन

दैनिक जागरण ने समाज कल्याण विभाग से आरटीआइ के तहत सूचना मांगी कि वर्ष 2015 से 2023 तक कितने दिवंगत बुजुर्ग, दिव्यांग व विधवा को पेंशन दी गई। अभी तक देहरादून, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर व चंपावत से जो सूचना मिली, उसमें चौंकने वाली बात सामने आई है। आठ साल में इन जिलों ने स्वर्ग सिधार गए 4658 बुजुर्गों के खाते में वृद्धावस्था पेंशन के 3.21 करोड़ रुपये जारी कर दिए।

वहीं टिहरी, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा, देहरादून उत्तरकाशी ने स्वर्ग सिधार गए 1945 विधवा के खाते में 1.46 करोड़ तथा 188 दिव्यांग के खाते में 0.15 करोड़ रुपये जारी कर दिए।

💠करनी पड़ गई रिकवरी

वृद्धा, दिव्यांग व विधवा पेंशन धारकों के स्वर्ग सिधारने का पता चलने पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए थे। आननफानन में अधिकारियों ने दिव्यांग पेंशनरों के स्वजनों से संपर्क साधा और खातों में पहुंची पूरी रकम को बैंक कर्मियों की मदद से वापस करवाया है।

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💠नैनीताल व पिथौरागढ़ वाले बोले सबकुछ है ठीक

आरटीआइ के जवाब में नैनीताल व पिथौरागढ़ जिले के लोक सूचना अधिकारी ने बताया है कि उनके जिले में वर्ष 2015 से अब तक किसी भी दिवंगत को पेंशन जारी नहीं की गई है। सत्यापन के बाद पेंशन जारी की जा रही है।

💠अंदाजे से होता है सत्यापन

विभाग के पास पेंशनरों के सत्यापन का एकमात्र रास्ता है। जिस लाभार्थी के खाते में रकम जाती है वह उसे छह महीने या एक साल तक नहीं निकाल रहा तो विभाग पेंशन भेजना बंद कर देता है। लाभार्थी संपर्क करता है ताे पेंशन जारी कर दी जाती है। नहीं तो पेंशन रुक जाती है। इसके बाद सत्यापन की कार्रवाई करते हैं।