Uttrakhand News :कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने विपक्ष अपनी ही पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा,इन बातों पर जताई नाराजगी

0
ख़बर शेयर करें -

धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने विपक्ष (अपनी ही पार्टी) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के विधायकों और नेता प्रतिपक्ष पर आपदा के मुद्दे पर अपनी बात रखने पर नाराजगी जताई।

कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने इसे पहाड़ के खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ के किसी भी विधायक को बोलने नहीं दिया गया।

जिसकी शिकायत वे हाईकमान से करेंगे। हरीश धामी ने आरोप लगाए कि आपदा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर उन्हीं की पार्टी के सदस्यों ने उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया।

मानसून सत्र के दौरान प्राकृतिक आपदा के मुद्दे पर सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष को बोलने के लिए जो समय मिला था, उसमें बोलने का अवसर न मिलने पर विपक्ष के विधायक हरीश धामी ने विपक्ष के प्रति नाराजगी व्यक्त की। विधायक हरीश धामी ने गैरसैंण(भराड़ीसैंण) में सत्रावसान के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनके समक्ष अपनी पीड़ा रखी।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand Weather Update:उत्तराखंड में मानसून का विकराल रूप: 72 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट, नदियां उफान पर

उन्होंने कहा आपदा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील राज्य के पर्वतीय क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि इस समय उत्तराखंड के कई इलाके आपदाग्रस्त हैं। ऐसे में इस गंभीर विषय पर चर्चा बहुत आवश्यक थी। मुख्यमंत्री ने विधायक हरीश धामी की बातों को गंभीरतापूर्वक सुनकर उन्हें आश्वसत किया कि उनके क्षेत्र सहित अन्य स्थानों में आपदा से संबंधित जो भी प्रकरण हैं, उनको प्राथमिकता पर लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  पटवारी-लेखपाल भर्ती परीक्षा: हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 3 सवालों के उत्तर पर सरकार और आयोग से 4 हफ्तों में माँगा जवाब

उन्होंने प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सभी व्यवस्थाएं सामान्य करने के लिए जिलाधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाए रखें। विधायक धारचूला द्वारा अपनी विधानसभा क्षेत्र की समस्या बताने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु को निर्देश दिए कि सचिव आपदा प्रबंधन और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के साथ बैठक कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जाए। आपदा कि दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों के विस्थापन की आवश्यकता है तो, किए जाय।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *