Uttrakhand News :4 वर्ष के मासूम को भगाने के आरोपित व्यक्ति को 3 वर्ष का कठोर कारवास

ख़बर शेयर करें -

बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने चार साल के बालक का अपहरण करने के दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर चार साल के बालक का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप था।

💠न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम से दोषमुक्त करार दिया। 

कथानक के अनुसार वादी मुकदमा मूल नेपाल और हाल जीतनगर निवासी दीपक शाही ने 13 दिसंबर 2017 को कोतवाली में तहरीर देकर अपने चार साल के पुत्र के गायब होने की सूचना दी। तहरीर में बताया कि शाम करीब चार बजे उसका पुत्र अचानक लापता हो गया। आसपास खोजबीन के बाद वह नहीं मिला तो जीतनगर और मंडलसेरा में खोजबीन की गई। वहां भी पता नहीं चलने पर कठायतबाड़ा क्षेत्र में खोजा गया तो लोगों ने बताया कि कुछ देर पहले उन्होंने आरे निवासी पंकज सिंह खेतवाल उर्फ बुग्गा को चार-पांच साल के बच्चे को लेकर कपकोट की तरफ जाते देखा है। आरे में पूछताछ करने पर भी लोगों ने यही बात बताई। काफी खोजबीन की लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। वादी की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर बालक की खोजबीन शुरू कर दी।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News : एसएसपी अल्मोड़ा ने उत्तराखण्ड लोक पर्व "हरेला" के अवसर पर वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का सन्देश,सैकड़ों फलदार व छायादार वृक्ष रोपित कर वृक्षारोपण के लिए जनमानस को किया प्रेरित

पुलिस ने आरोपी को मय बालक के गिरफ्तार किया और बालक का मेडिकल कराया। कोतवाली में आरोपी के खिलाफ धारा 365, 367, 504 और पॉक्सो अधिनियम में केस दर्ज हुआ। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने 11 जनवरी 2018 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला और विशेष लोक 💠अभियोजक खड़क सिंह कार्की ने मामले की पैरवी करते हुए 13 गवाह पेश कराए।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani News :हल्‍द्वानी में देर रात हुई बारिश के बाद कलसिया नाला उफान पर आ गया,घरों से बाहर निकलकर लोग सुरक्षित स्‍थान खोजने लगे

न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के अलावा धारा 367 और 506 के तहत दोषी नहीं माना।