सर्वोच्च अदालत को अब मिलेंगे नए मुख्य न्यायाधीश को कौन बनेंगे मुख्य न्यायाधीश देखये-

यह पहला मौका होगा जब देश की सर्वोच्च अदालत तीन माह में तीन मुख्य न्यायाधीश देखेगी। मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की यह प्रक्रिया अगस्त से नवंबर चलेगी। इतना ही नहीं इस वर्ष सात माह में पांच न्यायाधीश भी सुप्रीम कोर्ट से रुखसत होंगे।

 

अगस्त, 2022 में मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना सेवानिवृत्त होंगे और उनकी जगह वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस उदय उमेश ललित लेंगे। उनका कार्यकाल दो से ढाई माह का होगा और 65 वर्ष की आयु के बाद वह रिटायर हो जाएंगे। नवंबर में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। उनका कार्यकाल पूरे दो वर्ष का होगा, इस प्रकार तीन माह के छोटे अंतराल में तीन मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च अदालत का नेतृत्व करेंगे। जस्टिस ललित जहां वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट में प्रोन्नत किए गए थे। वहीं, जस्टिस चंद्रचूड़ देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ के पुत्र हैं।

 

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सेवानिवृत्त के मामले में जस्टिस विनीत शरण 10 मई को रिटायर होंगे, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एएम खानविल्कर 7 जून तथा 29 जुलाई को सेवानिवृत्त होंगे। मुख्य न्यायाधीश रमना 26 अगस्त को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस इंदिरा बनर्जी 23 सितंबर को रिटायर होंगी। इससे सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या घटकर तीन रह जाएगी।

 

इसके बाद जस्टिस हेमंत गुप्ता 16 अक्तूबर को अपना कार्यालय छोड़ेगे। वरिष्ठता नियमों के अनुसार जस्टिस ललित, जस्टिस रमना के बाद मुख्य न्यायाधीश पद संभालेंगे और 8 नवंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके बाद जस्टिस चंद्रचूड़ मुख्य न्यायाधीश बनेंगे और वह 10 नवंबर, 2024 तक पूरे दो वर्ष देश के मुख्य न्यायाधीश रहेंगे।

 

कोविड-19 से उबरने के बाद जब कोर्ट चीजों को दुरुस्त कर ही रहा था तो रिटायरमेंट की यह लहर निश्चित रूप से कामकाज को प्रभावित करेगी। मुकदमों के लंबन पर इस लहर का सीधा प्रभाव पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट में 1 अप्रैल, 2022 तक 70362 केस लंबित हैं। इनमें से 19 फीसदी केस पीठों के सामने विचार के लिए रखने योग्य नहीं हैं, क्योंकि ये अधूरे पड़े हैं।

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अब सुप्रीम कोर्ट में यदि 8 नवंबर तक कोई नई नियुक्ति नहीं हुई तो नौ रिक्तियां हो जाएंगी। परंपरा के अनुसार सेवा के आखिरी महीनों में मुख्य न्यायाधीश नई नियुक्तियां नहीं कर सकते। ऐसे में मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमना को मई, जून और जुलाई में नियुक्तियों के लिए प्रयास करना होगा।

 

इसके बाद जस्टिस ललित के पास नियुक्तियां करने के लिए एक माह बचेगा, क्योंकि उनका कार्यकाल दो माह से कुछ ज्यादा का ही है। रिटायर होने से एक माह पूर्व मुख्य न्यायाधीश को अगले मुख्य न्यायाधीश का नाम सरकार को भेजना पड़ता है। यह संस्तुति करने के बाद मुख्य न्यायाधीश नई नियुक्तियों के कोलेजियम (पांच वरिष्ठतम जजों का चयन मंडल) में बैठ सकते।

 

 

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