ऋषिकेश में बीटल्स आश्रम का बदलेगा स्वरूप: ₹103 करोड़ से सजेंगी चौरासी कुटिया, दिखेगा 7 दशक पुराना मूल रूप:-विशेष लेख शंकर दत्त पाण्डे की कलम से

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ऋषिकेश में बीटल्स आश्रम का बदलेगा स्वरूप: ₹103 करोड़ से सजेंगी चौरासी कुटिया, दिखेगा 7 दशक पुराना मूल रूप:-विशेष लेख शंकर दत्त पाण्डे की कलम से

विशेष लेख शंकर दत्त पाण्डे की कलम से :- विश्व प्रसिद्ध राजाजी टाइगर रिजर्व की गोहरी रेंज (लक्ष्मणझूला अनुभाग, कुनॉऊ कक्ष सं. 1) के अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध ‘चौरासी कुटिया’ (बीटल्स आश्रम)** का जीर्णोद्धार कर इसे इसके सात दशक पुराने मूल स्वरूप में लाने की व्यापक योजना तैयार की गई है। केंद्र और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त प्रयासों से इस बहुप्रतीक्षित सौंदर्यकरण कार्य के लिए ₹103 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है।
इस जीर्णोद्धार का मुख्य उद्देश्य आगामी अर्द्ध कुंभ मेला तक इसे भव्य रूप देकर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

चौरासी कुटिया का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
स्थापना और लीज वर्ष 1961 में महर्षि महेश योगी जी ने लैंसडाउन वन प्रभाग से 7.5 हेक्टेयर भूमि 20 वर्षों की लीज पर ली थी।

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‘बीटल्स आश्रम’ का नाम: मशहूर वैश्विक म्यूजिक बैंड ‘द बीटल्स’  ने यहाँ चार सप्ताह रुककर ध्यान साधना की थी और कई विश्वविख्यात गीतों की रचना की थी।

सार्वजनिक प्रवेश लीज समाप्त होने के वर्षों बाद, उत्तराखंड वन विभाग ने 8 दिसंबर 2015 को इसे पर्यटकों के लिए पुनः खोला।

प्राकृतिक आकर्षण इस क्षेत्र में सुबह-शाम लगभग **300 प्रजातियों की पक्षियाँ अपनी मधुर आवाज से वातावरण को संगीतमय बनाती हैं।
103 करोड़ रुपये की योजना और प्रमुख कार्य
उत्तराखंड की कार्यदायी संस्था

PIU PWD द्वारा इस पूरे जीर्णोद्धार कार्य को संपादित किया जाएगा। सरकार का सख्त निर्देश है कि निर्माण के दौरान मूल ऐतिहासिक वास्तुकला से कोई छेड़छाड़ न की जाए और क्षतिग्रस्त इमारतों को पारंपरिक स्वरूप में ही पुनः बनाया जाए।

ये प्रमुख जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य
भवनों का नवीनीकरण बीटल्स बंगला, महर्षि योगी बंगला, छात्रावास और *123 कुटियाओं* का पुनर्निर्माण।

संरचनात्मक सुरक्षा भूकंप रोधी तकनीक से निर्मित ऐतिहासिक ‘आनंद भवन’ और ‘सिद्धि भवन’ का संरक्षण।

ये होंगी सुविधाएँ: पुस्तकालय, योग हॉल, आगंतुक कक्ष, मिनी हर्बल गार्डन, वॉटर फाउंटेन (फव्वारे), पर्यटकों के लिए बेंच व शुद्ध पेयजल व्यवस्था।

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अप्रोच रोड व संपर्क मार्ग: आश्रम तक पहुँचने वाले आंतरिक और बाहरी रास्तों को सुदृढ़ किया जाएगा।

अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगी नई ऊर्जा
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में स्थित इस आश्रम के कायाकल्प से योग और वेलनेस टूरिज्म को भारी बढ़ावा मिलेगा।

“महर्षि महेश योगी जी का सपना यहाँ के युवाओं और वैश्विक पर्यटकों को योग व ध्यान से जोड़ने का था। वर्तमान सरकार का यह प्रयास न केवल पर्यटकों की संख्या में कई गुना वृद्धि करेगा, बल्कि उत्तराखंड वन विभाग और राज्य सरकार के राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज करेगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, वन मंत्री सुबोध उनियाल, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल और निदेशक राजाजी डॉ. कोको रोसे के सामूहिक प्रयासों से चौरासी कुटिया का यह पुनर्विकास राज्य के पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है।

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