अल्मोड़ा में बेमौसमी बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता, मायूस किसानों को फसल बर्बादी का सता रहा है डर

अल्मोड़ा। मौसम ने करवट बदली है। झमाझम बारिश हुई से लोगों को गर्मी से राहत मिली मगर बेमौसम बारिश से किसानों और कृषि विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह फसल पकने का समय है।इस समय फसलों को तापमान अधिक चाहिए। ऐसे में बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

गर्मियों में हो रहा है ठंड का एहसास

जिले में शुक्रवार को सभी हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। जिला मुख्यालय में 2.5 मिमी तो रानीखेत में सबसे अधिक छह मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। जिले में 28 हजार हेक्टेयर में रबी की फसल बोई गई है। जौ, गेहूं, सरसों, मसूर सहित अन्य सभी तरह की फसलों का यह तैयार होने का समय है। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार फसल पकते समय तेज धूप की जरूरत होती है, जिसका असर उपज पर पड़ता है। बालियां पुष्ट होती हैं। ऐसे में यहां हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को फायदा कम नुकसान होने की संभावना बनी हुई है।

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जिले में हुई बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई है। हालात यह हैं कि लोगों को गर्मी के मौसम में ठंड का एहसास होने लगा है। लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश के बाद नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा। प्राकृतिक नौले-धारों का प्रवाह बढ़ने से पेयजल संकट से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।

बेमौसमी बारिश से परेशान किसानों ने क्या कहा

यह समय फसलों के पकने का है। इस समय बारिश फसलों के लिए सही नहीं है। इससे हम चिंतित हैं। – जीवन सिंह, कोसी।

पूरा मौसम चक्र बदल गया है। पूर्व में बारिश नहीं हुई। अब फसलों के पकते समय बारिश हो रही है। इससे उपज पर असर पड़ सकता है। -हरीश सिंह, कोसी।

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बेमौसम बारिश फसलों के लिए ठीक नहीं है। हालांकि बागवानी को इसका लाभ मिलेगा। फसलों की उपज प्रभावित हो सकती है। – कुलदीप, बग्वालीपोखर।

इस समय फसलों के पकने के लिए चटख धूप की जरूरत है। लेकिन बारिश होने से चिंता बढ़ गई है। कब तक किसान मौसम की मार सहेंगे। – मनोज, दोबटिया।

निश्चित तौर पर फसलों के पकते समय बारिश का लाभ नहीं मिलता। फसलों के लिहाज से इसे बेमौसम बारिश की कहा जाएगा। हालांकि हल्की बारिश हो रही है, जिसका अधिक नुकसान नहीं होगा। – धनपत कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा।

कहां कितनी हुई बारिश

अल्मोड़ा- 2.5 मिमी रानीखेत- 6.0 मिमी द्वाराहाट- 4.0 मिमी
चौखुटिया-2.0 मिमी
भिकियासैंण- 5.0 मिमी
सल्ट- 1.5 मिमी