मुख्यमंत्री का सहज अंदाज: खटीमा में मेलाघाट रोड पर पैदल चले सीएम धामी, मिलन डेरी में पी चाय
मुख्यमंत्री का सहज अंदाज: खटीमा में मेलाघाट रोड पर पैदल चले सीएम धामी, मिलन डेरी में पी चाय
खटीमा। ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल एक सरकारी अभियान न मानकर इसे आत्मनिर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का मुख्य आधार मानने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपनी सादगी से जनता का दिल जीत लिया।
मेलाघाट रोड पर पैदल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री अचानक ‘मिलन डेरी’ पहुंचे और सामान्य नागरिक की भांति चाय की चुस्की लेते हुए स्थानीय कारोबारियों का उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री को बिना किसी औपचारिकता के अपने बीच पाकर दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया। चाय की चुस्की के साथ सीएम ने वहां मौजूद लोगों और व्यापारियों से आत्मीय संवाद किया और उनके व्यापार के साथ-साथ क्षेत्र की व्यवस्थाओं का हाल-चाल जाना। “स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को प्राथमिकता देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘वोकल फॉर लोकल’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है।” पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
आत्मीय संवाद: सीएम ने डेरी संचालक और आसपास के दुकानदारों से बातचीत कर स्थानीय स्तर पर मिल रही सुविधाओं और व्यापारिक स्थितियों की जानकारी ली।
अर्थव्यवस्था को मजबूती: मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज स्थानीय उत्पादों और दुकानदारों को प्राथमिकता देगा, तो उसका सीधा लाभ स्थानीय बाजार को मिलेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
सरकार की प्रतिबद्धता: राज्य सरकार स्थानीय हुनर, उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार बाजार और अवसर उपलब्ध करा रही है।
सामूहिक भागीदारी का आह्वान: सीएम का यह कदम संदेश देता है कि ‘वोकल फॉर लोकल’ का संकल्प सरकार और जनता के साझा प्रयासों से ही सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री के इस सहज और व्यवहारिक अंदाज ने न केवल छोटे व्यवसायियों को प्रोत्साहन दिया, बल्कि जन-जन तक स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक प्रभावी संदेश भी पहुंचाया।