मानस खंड में अंकित 21 गुफाओं में एक और पौराणिक गुफा मिली
पिथौरागढ़: देवभूमि उत्तराखंड अपने अध्यात्म के लिये प्रसिद्ध है जो पौराणिक समय से ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रही है जो देवी देवताओं की पावन भूमि है । यहां पर ऐतिहासिक और प्राचीन चीजें हैं भण्डार है
ऐसी ही एक पौराणिक गुफा और मिली है
गंगोलीहाट के शैल पर्वत क्षेत्र अनेक गुफायें है जिनमें पातालभुवनेश्वर है जो विश्व विख्यात है इसी से लगा हुआ गंगोलीहाट जो प्रसिद्ध सिद्धपीठ है जिसको हाटकालिका मंदिर के नाम से जाना जाता है इससे एक किमी दूरी पर आठ तल वाली विशाल गुफा मिली है। ऐसा कहा जा रहा है कि यह गुफा उत्तराखंड में अभी तक मिली सभी गुफाओं में सबसे बड़ी और विशाल है। गुफा के भीतर चट्टानों में विभिन्न पौराणिक चित्र उभरे हुए हैं। जिनमें शिवलिंग पर चट्टान की तरफ से पानी भी गिर रहा है। इस गुफा को महाकालेश्वर गुफा नाम दिया गया है। गंगोलीहाट के
सुरेंद्र सिंंह बिष्ट, ऋषभ रावल, भूपेश पंत और पप्पू रावल ने इस गुफा को खोजा और गुफा के आकार को देखते हुए दंग रह गए। गुफा में तकरीबन दो सौ मीटर भीतर तक पहुंचे। के बाद सुरेंद्र ने बताया की गुफा में प्रवेश करते ही पहले वे करीब 35 फीट गहराई में उतरे। फिर प्राकृतिक रूप से बनी करीब आठ फीट की सीढिय़ां मिली।
आगे बढ़ने पर इसी तरह आठ तल तक सीढ़ी चढ़ने के बाद नौवां तल मिला पर वो वहां नहीं पहुंच पाये। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वहां अंधेरा था औऱ उनके पास प्रकाश के लिए कम रोशनी वाले टार्च थे और रस्सी आदि नहीं होने से वे नौंवे तल तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने बताया कि गुफा लगभग 200 मीटर लंबी है।
यहां की चट्टानों पर पौराणिक आकृतियां उभरी हुई हैं और शिवलिंग की आकृति पर चट्टान से पानी टपक रहा है। इसके अलावा शेषनाग व अन्य पौराणिक देवी, देवताओं के चित्र भी यहां उभरे हैं। यह अब तक मिली गुफाओं में सबसे बड़ी है। गंगोलीहाट के युवा ऋषभ रावल को गुफा की मौजूदगी के बारे में करीब एक साल पूर्व जानकारी मिली थी। तब से ही भी अपने साथियों के साथ इस गुफा को ढूंढने का प्रयास कर रहे थे। वहीं प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, अल्मोड़ा डा. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पिथौरागढ़ में हाटकालिका मंदिर के समीप पाताल भुवनेश्वर गुफा की तरह ही नई गुफा खोजे जाने की सूचना मिली है। विभागीय टीम मौके पर जाएगी और इस पर शोध शुरू किया जाएगा। गुफा खोजने वाले युवाओं ने इस गुफा को महाकालेश्वर नाम दिया है। बता दें कि गंगावली क्षेत्र के शैल पर्वत शिखर पर मानस खंड में 21 गुफाओं का जिक्र है। जिसमें से दस गुफाओं का पता चल चुका