Uttarakhand News:राज्यपाल गुरमीत सिंह को खून से खत लिखकर 21 कोरोना वॉरियर्स ने मांगी इच्छा मृत्यु, जाने वजह

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कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा करने वाले कोरोना वॉरियर्स बीते 109 दिनों से एकता विहार स्थित धरना स्थल पर आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है।

🔹बड़ा कदम उठाने के लिए बाध्य

इसके विरोध स्वरूप आज कोरोना वॉरियर्स ने राज्यपाल गुरमीत सिंह को खून से पत्र लिखकर सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर कोई उचित आश्वासन नहीं मिलता है तो उन्हें बड़ा कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

🔹बीते 109 दिनों से जारी धरना 

कोरोना वॉरियर्स का कहना है कि कोरोना काल में उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। आज वो खुद ही लाचार हो गए हैं।धरनास्थल पर आमरण अनशन पर बैठे संतोष राणा का कहना है कि उनका धरना बीते 109 दिनों से जारी है।कर्मचारी विभाग से अपने समायोजन की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है।

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🔹सरकार द्वारा नही हुई कोई कार्रवाई 

उन्होंने कहा कि धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे करीब 21 कर्मचारी स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं।अभी भी सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है, इसके विरोध भी आज कर्मचारियों ने उत्तराखंड के राज्यपाल को खून से पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु देने का आग्रह किया है।कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि बीते चार महीने से स्वास्थ्य मंत्री उन्हें समायोजित किए जाने का बार-बार आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।

🔹जान की परवाह किए बिना कोरोना मरीजों की सेवा 

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गौर हो कि कोरोना की लहर में सरकार ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से इन कर्मचारियों को विभिन्न अस्पतालों में तैनाती दी थी, लेकिन जैसे ही कोरोना खत्म हुआ, इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। कोरोना वॉरियर्स का कहना है कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना मरीजों की सेवा की, लेकिन सरकार ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

🔹एक कर्मचारी अभी भी भूख हड़ताल पर 

इसके बाद कोरोना वॉरियर्स एकता विहार स्थित धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे हैं।बीते 78 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं।अभी भी एक कर्मचारी संतोष राणा बीते 10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।लिहाजा, अब खून से पत्र लिखकर उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह को भेजा है।