अल्मोड़ा: मेडिकल कॉलेज में महिला रोग विभाग में बनी हुई है फैकल्टी की कमी, बेहतर उपचार के लिए महिलाएं परेशान

अल्मोड़ा। करीब 422 करोड़ से बनाए गए मेडिकल कॉलेज का महिला रोग विभाग फैकल्टी की कमी से जूझ रहा है। यहां पांच के सापेक्ष दो साल बाद भी महज दो फैकल्टी की ही तैनाती हो सकी है। ऐसे में जिले की महिलाओं को बेहतर उपचार के लिए तरसना पड़ रहा है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
🔹मेडिकल छात्रों को महिला रोग का ज्ञान मिलना हो रहा मुश्किल
अल्मोड़ा में दो वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू हुआ। यहां मेडिकल विद्यार्थियों के दो बैच की पढ़ाई हो रही है लेकिन कॉलेज अब भी फैकल्टी की कमी से जूझ रहा है। यहां महिला रोग विभाग में विभागाध्यक्ष सहित दो एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर के पद सृजित हैं लेकिन इनमें से विभागाध्यक्ष सहित दो फैकल्टी की ही तैनाती हो सकी है। तीन फैकल्टी की अब भी जरूरत है जो पूरी नहीं हो रही। ऐसे में यहां पहुंचने वाली महिलाओं को बेहतर उपचार देना कॉलेज प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है। वहीं मेडिकल छात्रों को महिला रोग का ज्ञान मिलना भी मुश्किल हो रहा है।
🔹अन्य विभागों में भी नहीं हुई फैकल्टी पूरी
मेडिकल कॉलेज में अन्य विभागों में फैकल्टी पूरी नहीं हो सकी है। अब भी यहां 30 से अधिक फैकल्टी की जरूरत है। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन मुश्किल दौर से गुजर रहा है।मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीपी भैंसोड़ा ने कहा फैकल्टी पूरी करने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। कई फैकल्टी ने इस बीच कार्यभार ग्रहण किया है। महिला रोग विभाग में भी फैकल्टी की कमी है।