Almora News:सात समंदर पार से अल्मोड़ा पहुंची बारात: फ्रांस के दूल्हे ने कसारदेवी में पहाड़ी रीति-रिवाजों से रचाया विवाह
एंकर – उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा का विषय बन गई है। अल्मोड़ा नगर के चीनाखान निवासी एवं ओएनजीसी से सेवानिवृत्त अधिकारी ध्रुव रंजन जोशी की पुत्री श्रीपूर्णा जोशी ने फ्रांस निवासी युवक और्हेल्यै गुरेलिएन के साथ विवाह कर एक नई मिसाल कायम की है। यह भव्य विवाह समारोह अल्मोड़ा के प्रसिद्ध कसारदेवी क्षेत्र स्थित एक रिसॉर्ट में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, सात फेरे और अग्नि को साक्षी मानकर वर-वधू ने जीवन भर साथ निभाने की शपथ ली।
वी ओ – अंतरराष्ट्रीय विवाह को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला। दूल्हा पक्ष के करीब 20 परिजन फ्रांस से अल्मोड़ा पहुंचे, जिन्होंने भारतीय परंपराओं के बीच इस ऐतिहासिक पल को साक्षी बनकर देखा।
🌸बाइट और्हेल्यै गुरेलिएन, दूल्हा
वी ओ – विवाह समारोह में कुमाऊँनी संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। ढोल-दमाऊं की गूंज, पारंपरिक परिधान, लोक संगीत और पहाड़ी व्यंजनों ने आयोजन को यादगार बना दिया। विदेशी मेहमानों के लिए यह समारोह उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का एक विशेष अवसर रहा।
बाइट ध्रुव रंजन जोशी, दुल्हन के पिता
बाइट मेरीनीस, दूल्हे की बहन
एफवीओ कसारदेवी क्षेत्र पहले से ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध रहा है। अब यहां आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय शादी अल्मोड़ा को एक बार फिर वैश्विक पहचान दिलाने का माध्यम बनी है।
स्थानीय लोगों में इस विवाह को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। लोग इसे भारतीय और विदेशी संस्कृतियों के सुंदर संगम के रूप में देख रहे हैं। यह आयोजन न केवल एक परिवार की खुशी का अवसर है, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी बन रहा है।
