केदारनाथ दर्शन पर सारा अली खान के खिलाफ फतवे का मामला गरम, भड़के वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स

 

केदारनाथ दर्शन पर सारा अली खान के खिलाफ फतवे का मामला गरम, भड़के वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स

 

 

 

 

विशेष संवाददाता देहरादून। प्रसिद्ध अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ धाम दर्शन को लेकर खड़ा हुआ विवाद गहराता जा रहा है। सारा के केदारनाथ दर्शन के बाद एक मौलाना द्वारा उनके खिलाफ फतवा जारी किए जाने की खबर सामने आई, जिस पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शम्स ने फतवा जारी करने वाले मौलाना पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे मौलानाओं की दुकानें अब बंद करने का समय आ गया है।

 

 

 

शादाब शम्स ने निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे मौलानाओं का अस्तित्व केवल फतवों के सहारे ही टिका हुआ है। जब समाज को दिशा देने की बात आती है, तब इनकी आवाज बंद हो जाती है।

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उन्होंने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा:“जब समाज में बेटियों के साथ हलाला जैसी कुरीतियां होती हैं, विधवाओं और बेसहारा लोगों के हक मारे जाते हैं, या फिर वक्फ संपत्तियों की लूट होती है—तब ये मौलाना मौन क्यों रहते हैं? ऐसे गंभीर और सामाजिक विषयों पर ये मौलाना कभी फतवा जारी क्यों नहीं करते?”

 

 

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि धर्म के नाम पर इस तरह से बेवजह फतवे जारी करने का चलन समाज को बांटने और अपनी दुकानदारी चलाने का जरिया बन चुका है। शम्स ने जनता और समाज से अपील की कि ऐसे तत्वों को पहचानें और धर्म के नाम पर नफरत या गैर-जरूरी विवाद फैलाने वाले मौलानाओं की इन ‘दुकानों’ को अब पूरी तरह बंद कर दिया जाना चाहिए।

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गौरतलब है कि अभिनेत्री सारा अली खान अक्सर बाबा केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए उत्तराखंड आती रहती हैं। हालिया यात्रा के बाद आए इस फतवे की प्रतिक्रिया में उत्तराखंड के प्रशासनिक और धार्मिक गलियारों में हलचल मच गई है, जहां वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के इस बयान को एक बड़े साहसिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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