उत्तराखंड: चंपावत में 800 साल पुराने ऐतिहासिक राजबुंगा किले का होगा पुनरुद्धार, 4.91 करोड़ से संवरेगी चंद राजवंश की विरासत

 

उत्तराखंड: चंपावत में 800 साल पुराने ऐतिहासिक राजबुंगा किले का होगा पुनरुद्धार, 4.91 करोड़ से संवरेगी चंद राजवंश की विरासत

 

 

 

चम्पावत, 21 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के तहत उत्तराखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। चंपावत स्थित लगभग 800 वर्ष पुराने ऐतिहासिक राजबुंगा किले के जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार इस प्राचीन किले को एक प्रमुख और भव्य पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने जा रही है, जिस पर लगभग 4.91 करोड़ रुपये (4,91,30,305 रुपये) की लागत आएगी।

 

 

 

 

 

चंद राजवंश से जुड़ा है इतिहास

चंद राजवंश के राजा सोमचंद द्वारा निर्मित यह प्राचीन किला कुमाऊं के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष निर्देशों के बाद इस परियोजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य किले के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना उसका संरक्षण करना और स्थानीय संस्कृति व इतिहास को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाना है।

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मास्टर प्लान में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

तैयार किए गए मास्टर प्लान के अनुसार, राजबुंगा किले के परिसर में पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

पुरातात्विक संग्रहालय: चंपावत और कुमाऊं के समृद्ध इतिहास को प्रदर्शित करने के लिए विशेष म्यूजियम।

आर्ट एवं एग्जीबिशन गैलरी: स्थानीय कला और संस्कृति को मंच देने के लिए।

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ओपन-एयर एम्फीथिएटर: सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों के लिए।

पर्यटक सुविधाएं: कैफे, टिकट काउंटर, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं और सुंदर लैंडस्केप व वॉकवे पथ।

रोजगार और स्थानीय आर्थिकी को मिलेगी गति

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

 

 

 

 

प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने से चंपावत में ‘हेरिटेज टूरिज्म’ को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के कारण स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे चंपावत शहर की आर्थिकी को एक नई मजबूती मिलेगी।

 

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