केदारनाथ पैदल मार्ग पर संकट: जंगलचट्टी में भारी बोल्डर गिरने से यात्रा अस्थायी रूप से रुकी, तीर्थयात्री सुरक्षित स्थानों पर रोके गए*

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केदारनाथ पैदल मार्ग पर संकट: जंगलचट्टी में भारी बोल्डर गिरने से यात्रा अस्थायी रूप से रुकी, तीर्थयात्री सुरक्षित स्थानों पर रोके गए*

 

रुद्रप्रयाग/गुप्तकाशी। बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर एक बार फिर मौसम और पहाड़ों से गिरते पत्थरों ने ब्रेक लगा दिया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर भैरव नाथ मंदिर के समीप जंगलचट्टी में बीती रात पहाड़ी से एक भारी-भरकम बोल्डर (विशालकाय पत्थर) गिर गया। बोल्डर गिरने से पैदल रास्ते का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों के आवागमन के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए एहतियातन केदारनाथ यात्रा पर फिलहाल *

 

अस्थायी रोक लगा दी है।
रात के अंधेरे में दरकी पहाड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण पहाड़ों के दरकने का सिलसिला जारी है। बीती रात जंगलचट्टी के पास अचानक पहाड़ी से भरभराकर एक विशाल पत्थर पैदल मार्ग पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि हादसा रात के समय हुआ जब मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद थी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सुबह जब स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने मार्ग का निरीक्षण किया, तो रास्ते पर भारी बोल्डर देखकर तुरंत अलर्ट जारी किया गया।

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सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम (DDMA) ने सोनप्रयाग और गौरीकुंड बैरियर पर ही तीर्थयात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया है। जो यात्री जहां हैं, उन्हें वहीं सुरक्षित स्थानों, होटल और धर्मशालाओं में ठहरने की सलाह दी गई है। लाउडस्पीकर और उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से लगातार यात्रियों को मार्ग की स्थिति से अवगत कराया जा रहा है और उनसे धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।

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मार्ग खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के मजदूर और आपदा प्रबंधन की टीमें भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गई हैं। बोल्डर को रास्ते से हटाने के लिए ब्लास्टिंग या कटर मशीनों का सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रास्ता पूरी तरह सुरक्षित होने और मलबे को साफ करने के बाद ही जिला प्रशासन की हरी झंडी मिलते ही यात्रा को दोबारा बहाल किया जाएगा।

 

 

प्रशासन की अपील: रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को देखकर ही अपनी आगे की यात्रा प्लान करें। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस व सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करें।

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