Big Breking:- उत्तराखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: नीति आयोग के साथ बैठक में CM धामी ने उठाया ‘फ्लोटिंग पॉपुलेशन’ का बड़ा मुद्दा

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Big Breking:- उत्तराखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: नीति आयोग के साथ बैठक में CM धामी ने उठाया ‘फ्लोटिंग पॉपुलेशन’ का बड़ा मुद्दा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नीति आयोग के बीच हुई यह उच्च स्तरीय बैठक राज्य के भविष्य के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।
इस पूरी चर्चा से जो सबसे बड़ी और बेहतरीन बातें निकलकर सामने आ रही हैं, उन्हें हम कुछ मुख्य बिंदुओं में समझ सकते हैं:

 

‘फ्लोटिंग पॉपुलेशन’ को बड़ी पहचान (सबसे महत्वपूर्ण)
उत्तराखंड जैसी पर्यटन और तीर्थाटन (चारधाम यात्रा) आधारित अर्थव्यवस्था के लिए ‘फ्लोटिंग पॉपुलेशन’ (बाहर से आने वाले करोड़ों पर्यटक और श्रद्धालु)को नीति निर्माण में शामिल करने की मांग करना एक मास्टरस्ट्रोक है।

 

इसका फायदा अभी तक बजट और संसाधन राज्य की स्थायी आबादी के हिसाब से मिलते हैं, जबकि दबाव करोड़ों यात्रियों का होता है। नीति आयोग अगर इसे स्वीकार करता है, तो उत्तराखंड को केंद्र से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बजट और संसाधन मिल सकेंगे।

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बुनियादी स्तर पर सुधार (हेल्थ और सोशल सेक्टर)
स्वास्थ्य और शिक्षा सिर्फ अस्पतालों को ठीक करना ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य शिक्षा (Medical Education) को मजबूत करने पर बात हुई है, जिससे राज्य में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी हमेशा के लिए दूर होगी।

 

 

कुपोषण और एनीमिया उन्मूलन:* महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना यह दिखाता है कि सरकार केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक विकास पर भी गंभीर है। पर्यावरण और रोजगार का बेहतरीन तालमेल होगा

 

 

जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पहाड़ी क्षेत्रों में पानी के स्रोतों (धारों-नौलों) को बचाने और भविष्य के जल संकट से निपटने के लिए यह नीति बेहद जरूरी है। स्थानीय रोजगार पलायन उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। कृषि, बागवानी (Horticulture) और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए नवाचार (Innovation) से युवाओं को गांव में ही आजीविका के बेहतर साधन मिलेंगे।

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नीति आयोग का सीधा सहयोग
नीति आयोग के विशेषज्ञों के साथ नियमित सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित करने के फैसले से उत्तराखंड को अपनी भौगोलिक परिस्थितियों (जैसे आपदा संवेदनशीलता, कठिन रास्ते) के अनुकूल कस्टमाइज्ड नीतियां (Customized Policies)बनाने में मदद मिलेगी।

 

संक्षेप में कहें तो यह बैठक सिर्फ फाइलों तक सीमित रहने वाली चर्चा नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड को ‘आत्मनिर्भर’ और देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। राज्य के सतत विकास के लिहाज से यह बेहद मजबूत कदम साबित होगा

 

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