अल्मोड़ा: कोसी बैराज पहुंचे जिलाधिकारी, पेयजल आपूर्ति को शत-प्रतिशत बहाल करने के दिए कड़े निर्देश
अल्मोड़ा: कोसी बैराज पहुंचे जिलाधिकारी, पेयजल आपूर्ति को शत-प्रतिशत बहाल करने के दिए कड़े निर्देश
अल्मोड़ा शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाले कोसी बैराज की कार्यप्रणाली का आज जिलाधिकारी अंशुल ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पेयजल आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को तुरंत दूर करने और शहर में जलापूर्ति को शत-प्रतिशत बहाल करने के कड़े निर्देश दिए। ‘रखरखाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बैराज के संचालन और सिल्ट (गाद) की समस्या को लेकर अधिकारियों से फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने कहा: “बरसात के मौसम में नदी में सिल्ट युक्त पानी आना स्वाभाविक है, लेकिन इसके समाधान के लिए जल संस्थान को तत्परता से कार्य करना होगा। अल्मोड़ा शहर के लिए यह बैराज बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसके रखरखाव और संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
पहली बारिश के बाद बढ़ती है सिल्ट की समस्या: जल संस्थान
जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता नीरज तिवारी ने जिलाधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि पहली बरसात के बाद नदी के पानी में अवसादों (सिल्ट) की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जिससे पंपिंग और जलापूर्ति में व्यवधान आता है।
समस्या से निपटने के लिए विभाग के मुख्य कदम:
सिल्ट प्रबंधन: पानी साफ करने और सिल्ट हटाने के लिए लगातार काम जारी है।
रोस्टर प्रणाली:पंप संचालन में दिक्कत आने पर रोस्टर के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में जलापूर्ति की जा रही है।
त्वरित मरम्मत:
पंपों में आने वाली तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं।
अधिशाषी अभियंता ने भरोसा दिलाया कि जनता को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।
निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता मोहन सिंह रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित जल संस्थान और संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।