‘बड़ी खबर’ नैनीताल में आज से ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ नियम लागू: बिना हेलमेट नहीं मिलेगा ईंधन, एंट्री प्वाइंट्स पर भी कड़े प्रतिबंध

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‘बड़ी खबर’
नैनीताल में आज से ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ नियम लागू: बिना हेलमेट नहीं मिलेगा ईंधन, एंट्री प्वाइंट्स पर भी कड़े प्रतिबंध

*हल्द्वानी/नैनीताल।* नैनीताल जनपद में अब बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन दौड़ाने वालों की खैर नहीं। जिला प्रशासन ने सड़क हादसों पर लगाम लगाने और लोगों की जान सुरक्षित करने के लिए बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी  ललित मोहन रयाल के निर्देश पर पूरे जिले में ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ नियम को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। यानी अब अगर आप बिना हेलमेट के पेट्रोल पंप पहुंचे, तो आपको ईंधन नहीं मिलेगा।नैनीताल जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन का यह कदम वाकई सराहनीय और समय की मांग है।

# आरटीओ की बड़ी कार्रवाई, पेट्रोल पंपों पर लगे बोर्ड
संभागीय परिवहन अधिकारी ( प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) अरविंद पांडे द्वारा जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र जारी करने के बाद, जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर इस नियम का पालन अनिवार्य कर दिया गया है।

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* जागरूकता बोर्ड स्थापित: जिले के तमाम पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ के बड़े-बड़े जागरूकता बोर्ड लगा दिए गए हैं।
* सख्त निगरानी: परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें लगातार पेट्रोल पंपों की निगरानी कर रही हैं ताकि नियम का उल्लंघन न हो।

# एंट्री प्वाइंट्स पर भी पहरा: पर्यटकों के लिए जरूरी सूचना
सिर्फ हेलमेट ही नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बाहरी वाहनों और रेंटल सेवाओं पर भी नजर रखी जा रही है। नैनीताल जनपद के सभी प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स (प्रवेश द्वारों) पर **टैक्सी एवं बाइक रेंटल के प्रतिबंध संबंधी सूचना बोर्ड** लगा दिए गए हैं। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों और वाहन चालकों को जिले के नियमों की जानकारी सीमा पर ही मिल जाएगी, जिससे उन्हें आगे चलकर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आखिर क्यों लेना पड़ा यह सख्त फैसला?

आरटीओ अरविंद पांडे के अनुसार, पिछले कुछ समय में जिले के भीतर दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इन हादसों में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और कई गंभीर रूप से घायल हुए  “अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में मौत या गंभीर चोट का मुख्य कारण चालकों द्वारा हेलमेट न पहनना पाया गया। जनहानि को रोकने और सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ही यह कड़ा कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।”
अरविंद पांडे, आरटीओ (प्रवर्तन)
उद्देश्य दंड नहीं, सुरक्षा है
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि इन नई व्यवस्थाओं और प्रतिबंधों का उद्देश्य जनता को परेशान करना या दंडित करना कतई नहीं है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य:
लोगों को हेलमेट पहनने और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करना।

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सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को तेजी से नीचे लाना।
पर्यटन सीजन और आम दिनों में जनपद की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारु बनाना।
पोर्टल संदेश: अगर आप भी नैनीताल की खूबसूरत वादियों का रुख कर रहे हैं या स्थानीय निवासी हैं, तो घर से निकलते समय हेलमेट पहनना न भूलें। आपकी सुरक्षा ही आपके परिवार की खुशी है!

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