Almora News:खूंट–धामस भू-माफिया विवाद में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई एसडीएम ने FIR दर्ज होने की पुष्टि 

0
ख़बर शेयर करें -

अल्मोड़ा जनपद के खूंट–धामस क्षेत्र, जो कि भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की कर्मभूमि के अंतर्गत आता है, में लगभग 500 नाली भूमि की अवैध एवं संदिग्ध खरीद-फरोख्त से जुड़े भू-माफिया प्रकरण में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है।

इस संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अल्मोड़ा श्री संजय कुमार ने मुख्य आरोपी मोहन सिंह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि की है। प्रशासन के अनुसार प्रकरण की जांच जारी है और दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण को गंभीरता से उठाते हुए पूर्व में खूंट–धामस क्षेत्र में ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें भू-माफियाओं द्वारा स्थानीय लोगों पर दबाव बनाने, वृद्ध ग्रामीणों के साथ मारपीट, तथा छाती पर लात मारने जैसे अमानवीय कृत्यों के आरोप सामने आए थे।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:चारधाम यात्रा 2026: पहले ही दिन 1.24 लाख श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण, केदारनाथ के लिए मची सबसे ज्यादा होड़"

इस बैठक की अध्यक्षता नैनीताल उच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री विनोद चंद्र तिवारी द्वारा की गई थी। बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता श्री विनय किरौला, राजेंद्र बिष्ट आदि स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इसके साथ ही मौके पर नायब तहसीलदार एवं संबंधित पटवारी भी मौजूद थे, जिनके समक्ष ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं।

अधिवक्ता विनोद चंद्र तिवारी ने इस अवसर पर स्पष्ट शब्दों में कहा> “खूंट–धामस क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा कानून को हाथ में लेने का प्रयास बेहद गंभीर है। पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:उत्तराखंड की आर्थिक उड़ान: 3.81 लाख करोड़ पहुंची राज्य की GSDP, प्रति व्यक्ति आय में भी भारी उछाल

ग्रामीणों द्वारा लगातार उठाई गई आवाज़ और कानूनी हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप आज मोहन सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर संतोष का माहौल है।

इस घटना के सामने आने के बाद जनपद ही नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी व्यापक हलचल देखी जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर पूरे भूमि सौदे और उससे जुड़े नेटवर्क की विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर पूर्ण रोक लग सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *