अल्मोड़ा सरकारी योजना से बदली तस्वीर, अभय बेलवाल बने स्वरोजगार का सशक्त उदाहरण।

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अल्मोड़ा सरकारी योजना से बदली तस्वीर, अभय बेलवाल बने स्वरोजगार का सशक्त उदाहरण।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आज उत्तराखंड के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित हो रही है। इसी योजना के माध्यम से जनपद अल्मोड़ा के तहसील रानीखेत अंतर्गत ग्राम भड़गांव, पोस्ट चौबटिया निवासी अभय बेलवाल ने अपने सपनों को साकार करते हुए सफल स्वरोजगार स्थापित किया है।

स्वरोजगार के प्रति उत्सुक अभय बेलवाल को स्थानीय स्तर पर आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में जब मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली तो उन्होंने इसे अपने भविष्य को संवारने का अवसर बनाया। पर्यटन विभाग की दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) योजना के अंतर्गत श्री बेलवाल द्वारा स्थापित किए गए *दत्ताज हैरिटेज होम स्टे* में उन्हें निरंतर तकनीकी एवं प्रशासनिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जिला पर्यटन विकास अधिकारी प्रकाश सिंह खत्री के अनुसार विभाग द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के संकलन से लेकर ऋण स्वीकृति तक हर चरण में सहयोग किया गया, जिससे अभय बेलवाल ने बिना किसी बाधा के अपना व्यवसाय प्रारंभ किया।

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ऋण स्वीकृत होने के पश्चात अभय बेलवाल द्वारा शुरू किया गया होम-स्टे आज सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। वर्तमान में वे इससे प्रतिमाह लगभग 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन को भी नई गति मिली है।

अभय बेलवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का विश्वास और अवसर दोनों प्रदान किए हैं। आज वे स्वाभिमान के साथ अपना व्यवसाय चला रहे हैं और उनकी सफलता अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

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श्री बेलवाल का होम स्टे के पास ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण आने वाले पर्यटकों को उनकी इच्छानुसार ग्रामीण भ्रमण भी कराया जाता है। जिसमें पर्यटकों को पहाड़ों के फलदार खेत, पशुपालन, स्थानीय महिलाओं द्वारा किए जाने वाली खेती तथा पशुपालन गतिविधियों से रूबरू कराये जाने के साथ साथ पशु चारा, लकड़ियां तथा स्थानीय वनस्पति का परिचय भी कराया जाता है। होम स्टे में आने वाले पर्यटकों को स्वेच्छानुसार मुख्यतः पहाड़ी व्यंजन परोसे जाते हैं।

श्री बेलवाल की कहानी दर्शाती है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं  युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश के समग्र विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं।

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