Uttrakhand News :मनचाहे ढंग से राज्य आकस्मिकता निधि का उपयोग नहीं कर पाएंगे सरकारी विभाग,वित्त सचि‍व ने जारी किए कडे निर्देश

सरकारी विभाग मनचाहे ढंग से राज्य आकस्मिकता निधि का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इस निधि का उपयोग किया गया तो इसकी प्रतिपूर्ति प्राथमिकता से करनी होगी। इसके लिए संबंधित प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्ष को उत्तरदायी बनाया गया है।

राज्य आकस्मिकता निधि के उपयोग को लेकर विभागों का चालू रवैया सरकार को अखर रहा है। इसका परिणाम व्यय आधिक्य और विधानसभा से बजट खर्च की पूर्व स्वीकृति नहीं लेने के रूप में सामने आ चुका है। वित्तीय अनुशासन को दरकिनार किए जाने से इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

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💠सामान्य प्रकरणों में भी आकस्मिकता निधि का उपयोग कर रहे विभाग

ऐसे में वित्त सचि‍व को कड़े निर्देश जारी करने पड़े हैं। बजट खर्च के लिए जारी दिशा-निर्देशों में इसे सम्मिलित किया गया है। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि विभाग सामान्य प्रकृति के प्रकरणों में भी राज्य आकस्मिकता निधि से धनराशि का उपयोग कर रहे हैं।

नियमों के अनुसार, केवल अप्रत्याशित खर्च के लिए ही इस निधि का उपयोग किया जा सकता है। अब विभागों को इस निधि का उपयोग करने के लिए अति महत्वपूर्ण और अपरिहार्य परिस्थितियों के अंतर्गत धनराशि आहरित करने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजना होगा।

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राज्य आकस्मिकता निधि से धनराशि आहरित करने का प्रस्ताव वित्त को भेजने के साथ प्रमाणपत्र देना होगा। विभागों को पहले अपने उपलब्ध बजट का उपयोग अपनी आवश्यकता पूर्ति के लिए करना होगा।

पुनर्विनियोग के लिए धन उपलब्ध नहीं होने पर ही इस निधि से धनराशि आहरित की जा सकेगी। साथ ही विभागीय बजट से आहरित धनराशि की प्रतिपूर्ति संबंधित मद से सुनिश्चित करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर संबंधित मद से अन्य धनराशि विभाग को उपलब्ध नहीं हो सकेगी।