Uttrakhand News :यहा पुलिस ने हाई प्रोफाइल नशे के साथ कोबरा गैंग के सरगना को किया गिरफ्तार

दून पुलिस ने हाई प्रोफाइल नशे के साथ कोबरा गैंग के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपित मेथिलीन डाइआक्सी मेथामफेटामाइन (एमडीएमए) को देहरादून में सप्लाई कर रहा था।

💠एमडीएमए की तस्करी के मामले अधिकतर मुंबई आदि महानगरों में मिलते हैं।

जब पूर्व में गैंग के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो आरोपित नोएडा में छिप गया था। इससे पहले वह पिट एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत नौ महीने जेल में रह चुका है। एसएसपी अजय सिंह ने आरोपित को गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।

💠लॉकडाउन में नुकसान होने के कारण नशा तस्करी करने लगा

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पूर्व में पटेलनगर कोतवाली व थाना राजपुर पुलिस ने नशा तस्करी में लिप्त कोबरा गैंग के छह सदस्यों को कोकीन के साथ गिरफ्तार किया था।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:अल्मोड़ा: कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका; बर्खास्तगी की मांग को लेकर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

पूछताछ में सरगना शिवम गुप्ता निवासी देहराखास, पटेलनगर का नाम सामने आया था। तस्कर की गिरफ्तारी के लिए एसओजी टीम को निर्देश दिए गए थे। एसओजी प्रभारी लोकेंद्र बहुगुणा ने गुरुवार को आरोपित शिवम गुप्ता को रतन पार्क अपार्टमेंट ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह पूर्व में अनुराग चौक पर एपल रेस्टोरेंट तथा विजय पार्क में दून काफी हाउस चलाता था, लेकिन लॉकडाउन में नुकसान होने के कारण वह नशा तस्करी करने लगा। वह पिछले कुछ समय से नशे के कारोबार में लिप्त है और अपने साथियों के माध्यम से अलग-अलग जगह नशे की तस्करी करता है।

आरोपित ने अपने पटेलनगर स्थित घर में कुछ नशा रखने की जानकारी दी। पुलिस टीम ने आरोपित की निशानदेही पर उसके टीएचडीसी कालोनी देहराखास स्थित घर से 240 ग्राम चरस व 10.08 ग्राम एमडीएमए बरामद की। आरोपित को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल दिया गया है। तस्कर के खिलाफ नशा तस्करी, मारपीट व धमकी देने के नौ मुकदमे दर्ज हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में यहाँ दर्दनाक हादसा: पुराने मकान में भीषण आग से सेवानिवृत्त ANM पार्वती जैन की जिंदा जलकर मौत

💠क्या होता है एमडीएमए नशा

एमडीएमए नशा सेलिब्रिटीज हाई प्रोफाइल पार्टीज में इस्तेमाल किया जाता है।

इस नशे की तस्करी यूरोप से मुंबई बड़े पैमाने पर की जाती है।

एमडीएमए 2500 से 3000 रुपए प्रति ग्राम में बिक रहा है जो कोकीन के बाद सबसे महंगा नशा है।

यह चावल के दानें से बड़ा होता है, जोकि कोडवर्ड से ही मिलता है।

चिकित्सकों की मानें तो नशे के सेवन से शुरुआत में स्फूर्ति एवं उत्साह महसूस होता है, लेकिन आदत पड़ने पर दिमागी बीमारियां व चिड़चिड़ापन रहने लगता है।