Pithoragah News:अब भारत नेपाल आने-जाने पर पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य, बिना आइडी कार्ड के प्रवेश नहीं

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भारत और नेपाल में आवाजाही के लिए नियम में बदलाव किया गया है। अब दोनों ही देशों के नागरिकों को बॉर्डर पार करने से पहले अपना पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस पर सहमति जताई है।इस महत्वपूर्ण निर्णय को बैठक के तुरंत बाद लागू भी कर दिया गया है।

🔹पहचान पत्र नहीं होगा तो उसे रोक दिया जाएगा

55वीं बटालियन एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को झूलाघाट के एसएसबी कैंप में भारत-नेपाल के सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों की बैठक हुई। तय किया गया कि पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर के मामले को देखते हुए ऐसा दोबारा न हो इसके लिए भारत-नेपाल के बीच आने-जाने वाले दोनों देशों के नागरिकों को अपनी पहचान का कोई प्रमाण दिखाना आवश्यक होगा। यदि किसी के पास पहचान पत्र नहीं होगा तो उसे रोक दिया जाएगा।

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🔹दोनों देशों के कस्टम के बिल की अनिवार्यता पर सहमति

इसके अलावा दोनों देशों की आपराधिक घटनाओं के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करना, काली नदी के किनारे दोनों ओर हो रहे अवैध खनन, दोहरी नागरिकता, अवैध मेडिकल स्टोर और प्रतिबंधित नशीली दवाओं की रोकथाम, झूलापुल पर प्रतिबंधित सामग्री के विषय में जानकारी, काली नदी में होने वाली राफ्टिंग की सूचना समय पर देने आदि पर भी चर्चा की गई। व्यापारिक सामान के लिए दोनों देशों के कस्टम के बिल की अनिवार्यता आवश्यक होने पर सहमति जताई। 

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🔹बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद 

बैठक में कस्टम अधीक्षक राजेश भोला दत्त पांडेय, नेपाल सशस्त्र बल के डीएसपी कृष्ण सिंह पुजारा, बैतड़ी पुलिस डीएसपी दीपक गिरी, सशस्त्र बल इंस्पेक्टर रोशन सिंह ठकुरी, एसआई जय सिंह भाट, एसएसबी के इंस्पेक्टर एके मिश्रा, झूलाघाट पुलिस के अर्जुन सिंह राणा, एसएसबी सब इंस्पेक्टर निरंजन हलधर, संजय कुमार गुप्ता के साथ खुफिया एजेंसी के अधिकारी मौजूद रहे।