बागेश्वर जिलाधिकारी अनुराधा पाल में अनेक कार्यक्रमों में की भागीदारी
जिलाधिकारी अनुराधा पाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक सम्पन्न हुर्इ। जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक उद्योग को उद्योग से संबंधित विभागों से समन्वय करते हुए उद्योग बंधुओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने मिनी औद्योगिक आस्थान गरूड में शेडों का आवंटन गाइडलाइन/नियमानुसार कराने के निर्देश महाप्रबंधक को दिए। अल्मोडा मैगनेसाइट द्वारा उत्पादित सी0सी0ब्रिक्स, ब्लॉक्स /इण्टरलॉकिंक पेवर्स को जनपद एवं नजदीकी जनपदों के राजकीय निर्माण विभाग/परियोजना विकास प्रोजेक्ट में क्रय में वरीयता प्रदान किए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यदायी विभागों को मैग्नेसाइट ने फैक्ट्री में उत्पादित सी0सी0ब्रिक्स, ब्लॉक्स /इण्टरलॉकिंक पेवर्स प्राथमिकता से उपयोग करने को कहा।
बैठक में उद्यमियों ने भी अपनी अपनी समस्याओं को रखा, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। तथा निर्देशित करते हुए कहा कि अनावश्यक उद्यमियों को कार्यालय के चôर ना कटवाएं। उनकी समस्याओं का समाधान समय सीमा के तहत ही करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि छोटे-छोटे उद्यमियों को ऋण लेने के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो उन्हें शिविरों के माध्यम से लाभ पहुंचाने के लीड बैंक मैनेजर व महाप्रबंधक उद्योग को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि कोर्इ व्यक्ति उद्योग के माध्यम से लोंगो का रोजगार दे रहा है, यदि उस कार्य में उसे समस्या आ रही है तो बैंक व संबंधित अधिकारी इसे गंभीरता से लें। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोर्इ आवेदन लंबित या रिजेक्ट है तो उसका कारण सुस्पष्ट होना चाहिए, इस पर महाप्रबंधक उद्योग को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
महाप्रबन्धक उद्योग ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 400 लक्ष्य के सापेक्ष 714 आवेदन पत्र विभिन्न बैंकों को भेजे गये है जिसमें से बैंकों द्वारा 338 आवेदन पत्रों को स्वीकृति प्रदान करते हुए 235 को ऋण वितरित किया गया, इसी तरह मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नैनो के अन्तर्गत 600 लक्ष्य के सापेक्ष 510 ऋण आवेदन बैंको को भेजे गये जिसमें से बैंकों द्वारा 257 आवेदन पत्रों पर ऋण स्वीकृत करते हुए 211 को ऋण वितरित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह ने सभी बैंकर्स को निर्देश दिये कि वे सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के आवेदनों का त्वरित निस्तारण करते हुए प्राथमिकता से ऋण वितरित करना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, महाप्रबंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल, सहायक लीड बैंक मैनेजर दिनेश कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या समेत अध्यक्ष बागनाथ चैबर्स ऑफ कामर्स बागेश्वर नरेन्द्र खेतवाल, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 आर0 चन्द्रा सहित बैंक प्रबन्धक, अधिकारी व उद्यमी मौजूद थे।
जिला सभागार में सुशासन सप्ताह के अन्तर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन अध्यक्ष जिला पंचायत बसंती देव व जिलाधिकारी अनुराधा पाल की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें अभिनव पहल के साथ ही विजन 2047 तक जनपद को विभिन्न क्षेत्रों में विकसित किये जाने पर चर्चा की गयी। जिलाधिकारी श्रीमती पाल ने कहा कि कृषि, बागवानी, औद्यानिकरण, मत्स्यपालन के साथ ही कृषि एलार्इड सेक्टर में जनपद को विकसित करने हेतु अभिनव पहल करने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कृषि विभाग को विजन 2047 को सामने रखकर चेकबंदी कराने, बंजर भूमि विकसित करने, कृषि यंत्रिकरण करने, जड़ी-बूटी विकसित करने के साथ ही उद्यान विभाग को वन डिस्ट्रिक-वन क्राफ के तहत कीवी क्षेत्र को विकसित कर उत्पादन बढ़ाने हेतु भौगोलिक क्षेत्र व मौसम को देखते हुए वृहत कलस्टर तैयार करने के निर्देश दिये, साथ ही जनपद में उत्पादित उत्पादों की ग्रेडिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग के साथ ही मार्केटिंग का रोड मैप तैयार करने के निर्देश भी दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में ट्राउड मछली उत्पादन की अपार संभावना है, साथ ही सेब उत्पादन, पालीहाउस लगाकर बेमौसमी सब्जी उत्पादन कर कृषकों की आय में बढोत्तरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जनपद में बकरी पालन की भी सम्भावना है। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जनपद में गोट वैली (बकरी पालन घाटी) विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होंने सिंचार्इ विभाग को बागेश्वर शहर का ड्रेनेज प्लान प्राथमिकता से बनाने के साथ ही गरूड़ व कपकोट का भी ड्रेनेज प्लान बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने सिंचार्इ विभाग को निर्देश दिये कि भविष्य में सिंचार्इ गूल के बजाय एचडी पार्इप आधारित सिंचार्इ व्यवस्था की जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं को और विकसित किया जायेगा। उन्होंने सभी चिकित्सालयों में बार्इक एम्बुलेंस व्यवस्था किये जाने पर बल दिया ताकि जहॉ चौपहिया एम्बुलेंस वाहन न जा सके वहॉ पर आसानी से बार्इक एम्बुलेंस की सुविधा मरीजों को मिल सके। उन्होंने कहा कि जनपद में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जायेगा, इस हेतु आजीविका योजना के अन्तर्गत गठित महिला समूहों को सक्रीय किया जायेगा ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सके। जिला स्तरीय कार्यशाला में लार्इन विभाग के अधिकारियों द्वारा भी अपने-अपने विभागीय विजन रखा गया।
सुशासन सप्ताह के अन्तर्गत 24 दिसम्बर शनिवार को गॉवों में अधिकारियों द्वारा चौपाल लगाकर जन समस्यायें सुनी जायेंगी व सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारियॉ दी जायेंगी। जबकि 25 दिसम्बर रविवार को सुशासन दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास खण्ड सभागार बागेश्वर में व मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विकास खण्ड कपकोट सभागार में जन समस्या निवारण चौपाल लगायी जायेगी। चौपाल में जन समस्याओं के निराकरण के साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारियॉ भी दी जायेंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि 25 दिसम्बर को चौपाल हेतु सभी अधिकारी एक साथ 02 बसों द्वारा विकास खण्ड कपकोट व बागेश्वर को प्रस्थान करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि 25 दिसम्बर को बागेश्वर एवं कपकोट सभागार में जन समस्या निराकरण चौपाल लगायी जा रही है इसलिए 26 दिसम्बर सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनता दरबार नहीं लगाया जायेगा।
जिला स्तरीय कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 आर चन्द्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी जीएस सौन, जिला उद्यान अधिकारी आर.के. सिंह, महाप्रबन्धक उद्योग जीपी दुर्गापाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दिनेश रावत, सीओ एसएस वर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट सहित समस्त विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
सवेरा कल्याण समिति हल्द्वानी द्वारा जिला चिकित्सालय में नेत्र शिविर लगाकर मोतियाबिन्द का नि:शुल्क आपरेशन किये जा रहे है। जिला चिकित्सालय में सवेरा कल्याण समिति द्वारा लगाये गये नेत्र शिविर में पहुॅचकर जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने जानकारी ली व मरीजों से हालचाल पूछा। जिलाधिकारी ने कहा कि सवेरा कल्याण समिति द्वारा जो नेत्र शिविर लगाया जा रहा है उसमें जिला प्रशासन व चिकित्सालय स्टाफ द्वारा पूर्ण सहयोग किया जायेगा। उन्होंने शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील जनता से की।
सवेरा कल्याण समिति की अध्यक्षा कल्पना बोरा ने जिलाधिकारी को बताया कि आपरेशन से पूर्व बैजनाथ व कपकोट चिकित्सालय में ऑखों के मरीजो की स्केनिंग की गयी जिसमें जनपद के 50 मरीजों को आपरेशन हेतु चिन्हित किया गया। मोतियाबिन्द का आपरेशन प्रत्येक शुक्रवार को जिला चिकित्सालय बागेश्वर में किया जायेगा। उन्होनें बताया कि शुक्रवार को 09 मरीजों के ऑखों का नि:शुल्क आपरेशन किया जा चुका है तथा ऑखों का लेंस व दवायें भी समिति द्वारा नि:शुल्क दी जायेंगी। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा विगत 14 वर्षों से नि:शुल्क नेत्र शिविर लगाये जा रहे है।
जिलाधिकारी श्रीमती पाल ने कहा कि नेत्र शिविर लगाने हेतु जिला व चिकित्सालय प्रशासन पूर्ण सहयोग करेगा। स्केनिंग एवं आपरेशन हेतु मरीजों को लाने-ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने के लिए प्रशासन द्वारा सहयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दुबारा शिविर लगाने से पूर्व संस्था जिला प्रशासन से समन्वय करें ताकि अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर लोगों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने समिति की कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन हर संभव समिति का सहयोग करेंगा।
निरीक्षण दौरान मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ0वीके टम्टा, सवेरा कल्याण समिति के संयोजक शंकर सिंह बोरा आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट हिमांशु गढ़िया
