National News :एम्स में इलाज करने वालों को मिली बड़ी राहत, एक जगह पर जमा होंगे सभी सैंपल,

ख़बर शेयर करें -

दिल्ली एम्स में इलाज करवाने आ रहे मरीजों को ब्लड व अन्य नमूने जमा करवाने के लिए अब अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं होगी. यहां आने वाले रोगियों के नमूनों का केंद्रीकृत संग्रह किया जाएगा

💠साथ ही एक सितंबर से रिपोर्ट ई-अस्पताल की मदद से मिलेगी. इसे लेकर एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने आदेश जारी किया है.

इस आदेश में कहा गया है कि, ऐसा देखा गया है कि मरीज सैंपल जमा करवाने व रिपोर्ट हासिल करने के लिए एक जगह से दूसरी जगह भटकते रहते हैं. इसके कारण मरीजों व तीमारदारों को परेशानी होती है. ऐसे में निर्णय लिया गया है कि सभी प्रकार के सैंपल को ओपीडीएस में ही एकत्र किए जाएंगे. वहीं, सभी तरह की रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक रूप से या संबंधित ओपीडी से उपलब्ध कराई जाएंगी.

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:गंभीर साइबर अपराध, नशा उन्मूलन और यातायात नियमों के प्रति दन्या पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज में चलाया जागरूकता अभियान

💠फोटो कॉपी के लिए नहीं होगी परेशानी

निदेशक ने 31 अगस्त तक संबंधित ओपीडी में साझा नमूना संग्रह और रिपोर्ट संग्रह कक्षों की पहचान करने और सुविधा शुरू करने का आदेश दिया है. एक सितंबर से सभी सैंपल रिपोर्ट का कलेक्शन ओपीडी से ही किया गया है. एम्स में मरीजों को फोटो कॉपी पेपर देने के लिए परेशान नहीं होना होगा. एम्स निदेशक ने एक आदेश जारी करके कहा है कि, विभाग अपने स्तर पर सुविधा दें कि मरीजों व अन्य को फोटो कॉपी देने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े.

यह भी पढ़ें 👉  ​Almora News:अल्मोड़ा: 7 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी, कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद

💠एम्स प्रशासन ने क्या कहा ?

वहीं इससे पहले एम्स के मीडिया डिविजन की चेयरपर्सन डॉ. रीमा दादा ने कहा था कि, एम्स में हर दिन काफी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनके साथ उनके परिजन भी होते हैं. इस कारण एम्स में हर दिन लगभग 40-50 हजार लोग आते हैं. इनमें से ज्यादातर लोग दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल कर एम्स तक पहुंचते हैं. अभी एम्स तक येलो लाइन मेट्रो के एम्स मेट्रो स्टेशन और पिंक लाइन के साउथ एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन से पहुंचा जा सकता है. अगर लास्ट माइल कनेक्टिविटी की सुविधा बेहतर हो जाए तो मेट्रो स्टेशनों से एम्स के विभिन्न सेंटर के बीच आवागमन बेहतर हो जाएगा.