बागेश्वर कपकोट क्षेत्र आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है, अधिकारी अलर्ट रहें -अजय टम्टा
बागेश्वर कपकोट क्षेत्र आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है, जान-माल के नुकसान को बचाने हेतु आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर स्थानीय लोंगो को प्रशिक्षित करने के साथ ही मौसम संबंधी अलर्ट की जानकारी ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ साझा की जाए, थोडी सी सक्रियता किसी की भी जान बचा सकती हैं, यह बात सांसद अजय टम्टा ने विकास खंड कपकोट सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ आपदा के लिए किये जा रहें कार्यो की समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।
मा0 सांसद ने कहा कि मानसून के इन दो-तीन महीनों में आपदा के प्रति सभी लोंगो को सक्रिय रहने की जरूतर हैं। आपदा के समय मानवीय व्यवहार दिखाते हुए प्रभावित तक हर संभव मदद पहुंचायी जाए व अपनी जवाबदेही प्रभावित लोगो में सकारात्मक परिलक्षित हो। किसी की सक्रियता व होशियारी से कई जाने बच सकती है, इसलिए मौसम अलर्ट संसबंधी जानकरी ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ शेयर की जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की घटना के दौरान सबसे पहले स्थानीय लोग ही मौके पर पहुंचते है, अगर उन्हें आपदा से निपटने के लिए जरूरी ज्ञान एवं बचाव कार्य की जानकारी दी जाए तो समय से पहले जान-माल का नुकसान होने से बचाया जा सकता है, इसी मकसद से आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर स्थानीय लोगो को प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही उन्होंने सिविल डिफेन्स संरचना के गठन हेतु विचार किये जाने की बात भी कही।
बैठक के दौरान सांसद ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दियें कि वर्षाकाल में जो सड़के, कलमठ व नालियां बंद हो जाती है, उन्हें तत्काल खोला जाए तथा संबंधित क्षेत्र के एई, जेई व जेसीबी ऑपरेटर सहित हमेशा प्रभावित क्षेत्रों में बने रहें व इनके मोबाईल नंबर सामाचार पत्रों व व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित कियें जाए,
ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोग संपर्क कर सकें। उन्होंने पूर्व के अनुभवों व संभावित स्लाईड जोनो में अनिवार्य रूप से जेसीबी को 24×7 तैनात करने के निर्देश दियें। उन्होंने बी.आर.ओ. को अपनी कार्य प्रणाली में सुधार लाने की हिदायत देते हुए वर्षा से बंद होने वाले कलमठों को तत्काल खोलने, पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने के साथ ही आवश्यक संसाधन बढाने के निर्देश दियें। उन्होंने सड़क महकमे के अधिकारियों को संवेदनशील सड़को पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दियें। सांसद ने विद्युत विभाग को आपदा से क्षतिग्रस्त होने वाली विद्युत लाईनों का मरम्मत कार्य समय से करने व प्रभावित क्षेत्रों के लिए एडवांस में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रखने को कहा। उन्होंने जल संस्थान को पेयजल व्यवस्था दूरस्थ रखने, पूर्ति विभाग को दूरस्थ गोदामों में खाद्यान्न का अतिरिक्त भण्डारण करने व दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों को मोबाईल कनेक्टिविटी ठीक करने के साथ ही स्वास्थ विभाग को स्वास्थ सेवाओं को दूरस्थ रखने के निर्देश दियें।
विधायक कपकोट सुरेश गढिया ने कहा कि आपदा से लड़ने के लिए हर संभव प्रयास किये जाए। बिना चूक के समय रहते प्रभावित लोगो को मदद पहुंचायी जाए। उन्होंने कहा कि सब लोग जिम्मेदार होने के नाते सब की जवाबदेही है कि रिस्पांस समय कम से कम हो इसका विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी विनीत कुमार ने कहा कि आपदा कभी बता के नही आती, लिहाजा सभी अधिकारी हमेशा सक्रिय रहें, व आपना मोबाईल आंन रखे। उन्होंने कहा कि जेसीबी हमेशा ऑपरेटर सहित प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहें, एईव जेई हमेशा निगरानी बनायें रखे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दियें कि जो परिसंपत्तियां आपदा से क्षतिग्रस्त हो जाती है, उनके प्रस्ताव जल्द से जल्द उपलब्ध करायें जाए, ताकि समय से धनराशि उपलब्ध हो सकें व नुकसान की भरपाई की जा सकें।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत बंसती देव, पूर्व कबीना मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल, ब्लॉक प्रमुख गोविन्द सिंह दानू, जिलाध्यक्ष भाजपा शिव सिंह बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत राम सिंह कोरंगा, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह, उपजिलाधिकारी हरगिरि, पारितोष वर्मा, मोनिका, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुनीता टम्टा, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख हरीश मेहरा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम, मुख्य शिक्षा अधिकारी जीएस सौन, मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 आर चन्द्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, अधि0अभि0 जल संस्थान डीएस देवडी, लोनिवि संजय पांडे, पीएमजीएसवाई अनिल, ग्रामीण निर्माण विभाग रमेश चन्द्रा, खंड विकास अधिकारी केएस रावत, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार, तहसीलदार पूजा शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
रिपोर्ट हिमांशु गढ़िया