Almora News: टैक्सी चालकों ने किया प्रदर्शन,4000 से अधिक टैक्सी के पहिए थमने से यात्री रहे परेशान

ख़बर शेयर करें -

टैक्सी की फिटनेस के लिए निजी केंद्रों में हो रही अवैध वसूली के विरोध में संचालकों ने टैक्सी का संचालन ठप रखा। जिले में 4000 से अधिक टैक्सी के पहिए थमे रहे। इसकी मार यात्रियों को सहनी पड़ी। लोगों का गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। यात्री टैक्सी के लिए स्टेशन में भटकते रहे, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। यात्रियों ने केमू, रोडवेज स्टेशन की दौड़ लगाई। भीड़ अधिक होने से यहां भी सीट के मारामारी रही।

🔹यात्री रहे परेशान 

जिले में रोडवेज और केमू का सीमित संचालन होने से टैक्सी यहां की सड़कों की लाइफलाइन मानी जाती है। जिले के नगर, रानीखेत, सोमेश्वर, भतरौंजखान, भिकियासैंण, सल्ट, देघाट, स्याल्दे, लमगड़ा, दन्या सहित विभिन्न हिस्सों से नगर सहित अन्य कस्बों और मैदानी क्षेत्रों के लिए हर रोज 4000 से अधिक टैक्सी का संचालन होता है। इनमें हजारों यात्री सफर करते हैं।

🔹यात्रियों की खासी भीड़ जुटी

शनिवार को टैक्सी संचालकों ने फिटनेस सेंटर में वाहनों की फिटनेस के लिए अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए टैक्सी संचालन ठप रख हड़ताल कर दी। इसकी सीधी मार यात्रियों को सहनी पड़ी। नगर सहित अन्य प्रमुख बाजारों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्सी खड़ी रहीं, इससे लोगों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। उनके लिए जरूरी काम से घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया। जिला मुख्यालय में माल रोड और धारानौला टैक्सी स्टैंड में यात्रियों की खासी भीड़ जुटी रही लेकिन टैक्सी के पहिए थमने से उन्हें केमू और रोडवेज स्टेशन का रुख करना पड़ा। भीड़ अधिक होने से केमू और बस में भी सीट के लिए मारामारी रही।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News :उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा को लेकर जिले के सभी परीक्षा केंद्रों में धारा 144 लागू

🔹रोडवेज की चार बसें भी नहीं चलीं

मैदानी क्षेत्रों की तरफ आवाजाही करने वाले यात्री बड़ी संख्या में रोडवेज स्टेशन पहुंचे। टनकपुर, बेतालघाट-दिल्ली, लमगड़ा-दिल्ली, देहरादून और सायंकालीन देहरादून सेवा का संचालन ठप रहने से उन्हें खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। कई यात्री फिर से अपने ठिकाने की तरफ लौटे तो कई यात्रियों ने निजी वाहन बुक कर गंतव्य को रवाना होना पड़ा।

🔹मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचना हुआ मुश्किल

जिले के अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में केमू और रोडवेज बस का संचालन नहीं होता है। केवल टैक्सी के भरोसे लोग आवाजाही करते हैं। यहां तक कि मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचने का एकमात्र जरिया टैक्सी है। शनिवार को टैक्सी के पहिए थमने से मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल हुआ। पेट दर्द से जूझ रही सल्ट की कौशल्या ने कहा कि वह रानीखेत उप जिला चिकित्सालय जाने के लिए सुबह से ही टैक्सी का इंतजार करती रहीं, लेकिन मायूसी हाथ लगी। उसे घर लौटना पड़ा। लमगड़ा के कैलाश सिंह ने कहा कि वह बुखार से जूझ रहे अपने बच्चे को जिला मुख्यालय ले जाने के लिए टैक्सी का इंतजार करते रहे लेकिन बैरंग घर लौटना पड़ा।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News :उत्तराखंड के इस गांव में जंगली सुअरों का बड़ा आतंक,किसानों की फसल बर्बाद कर रहे सुअर, ग्रामीण परेशान

🔹द्वाराहाट में मुख्य चौराहे पर किया प्रदर्शन

टैक्सी यूनियन ने टैक्सी का संचालन बंद कर प्रदर्शन मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन किया। यूनियन अध्यक्ष दीपक चौधरी ने कहा कि फिटनेश के लिए निजी केंद्रों की व्यवस्था की गई है, यहां केंद्र संचालन मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। ऐसे में टैक्सी संचालकों और स्वामियों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। यहां उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सचिव हीरा सिंह, कोषाध्यक्ष चंदन सिंह रौतेला आदि शामिल रहे।

🔹परिवहन निगम के निर्देश हवाई

टैक्सी संचालकों की हड़ताल के बाद परिवहन निगम ने रोडवेज और केमू की अतिरिक्त सेवाओं का संचालन कर यात्रियों को राहत पहुंचाने के दावे किए जो हवाई साबित हुए। केमू और रोडवेज के अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें अतिरिक्त सेवाओं के संचालन के कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए। ऐसे में पूर्व की तरह की सेवाओं का संचालन हुआ।

🔹बोले यात्री

सोमेश्वर में घंटों टैक्सी का इंतजार किया, लेकिन राहत नहीं मिली। तीन घंटे के इंतजार के बाद किसी तरह केमू बस से जिला मुख्यालय पहुंचा। यहां से लौटना मुश्किल हो रहा है।

केवलानंद शर्मा, मनान।

जरूरी काम से परिवार सहित जिला मुख्यालय आना था, लेकिन टैक्सी न मिलने से वापस घर लौटना पड़ा। टैक्सी संचालन जल्द शुरू नहीं हुआ तो दिक्कत होगी।

अमर नाथ, घनेली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *