Almora News:अल्मोड़ा में हर्षोल्लास के साथ मनाया घी संक्रांति  का त्यौहार

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जिलेभर में लोक पर्व घी संक्रांति गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने कुल देवता को नई फसल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि इस पर्व पर घी का सेवन जरूर करना चाहिए।साल भर कभी भी घी का सेवन नहीं करने वाले लोग भी इस दिन एक चम्मच घी जरूर खाते हैं।

🔹पूजन कर सुख -समृद्धि की कामना की

प्रमुख तौर पर हरेला पर्व की तर्ज पर यह पर्व भी ऋतु पर आधारित है। हरेला बीज बोने व नये पौधे लगाने का प्रतीक है, तो घी-त्योहार फसलों में बालियां लगने की खुशी का प्रतीक है। त्योहार के एक दिन पहले सभी घरों में शुद्ध घी बनाया गया। फिर घी संक्रांति के दिन इसे खाया जाता है। इस दौरान मुख्य रूप से किसानों ने बोई फसलों के अंकुरित होने पर कुल देवताओं का पूजन कर सुख -समृद्धि की कामना की।

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🔹की जाती है सूर्य की पूजा-अर्चना 

वहीं, नवविवाहित बेटियों के ससुराली ओग देने पहुंचे। यह पर्व ग्रहों के राजा सूर्य के कर्क राशि से निकलकर अपनी सिंह राशि में प्रवेश करने के अवसर पर यह पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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🔹ओग देने की परंपरा हो रही लुप्त

घी त्योहार पर ओग देने की परंपरा अब रस्म अदायगी रह गई है। शादी के पहले साल वर पक्ष की ओर से नवविवाहिता के मायके में ओग दी जाती है। इसमें घी, दूध, दही और कई प्रकार की सब्जियां बतौर ओग देने की परंपरा है। लेकिन धीरे-धीरे यह परंपरा खत्म होती जा रही है।