Almora News :पर्यटन नगरी रानीखेत में पहली बार स्ट्रीक थ्रोटेड कठफोड़वा आया नजर,इसकी मौजूदगी से पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों में खुशी

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पहली बार इस पक्षी के दिखने से पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों में खुशी रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी रानीखेत में पहली बार स्ट्रीक थ्रोटेड कठफोड़वा नजर आया है। क्षेत्र के खनिया के जंगलों में पक्षी प्रेमियों ने इसे देखा।

💠यहां इसकी मौजूदगी से पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों में खुशी है।

रानीखेत के खनिया में पक्षी प्रेमियों ने स्ट्रीक थ्रोटेड कठफोड़वा की तस्वीर अपने कैमरे में कैद की है। भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाने वाली कठफोड़वा की एक प्रजाति है। पक्षी विशेषज्ञों के मुताबिक यह पक्षी 19 से 21 सेमी लंबा होता है और इसका वजन 83 से 111 ग्राम होता है। यह एक पतला, मध्यम आकार का वुडक्रीपर है जिसकी चोंच लंबी, पतली, मुड़ी हुई होती है। इसका रंग हरा होता है और गले में धारी होती है। यह आम तौर पर दक्षिण भारत के सूखे जंगलों के साथ ही बांग्लादेश, श्रीलंका में पाया जाता है। संवाद

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💠चींटी और दीमक पसंदीदा भोजन

रानीखेत। यह पक्षी चींटियों, दीमकों और अन्य छोटे कीड़ों के साथ ही फूलों का रस और बीज भी भोजन में लेता है । यह अक्सर जमीन पर चारा खोजता है।

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💠यह भी जानें

💠स्ट्रीक थ्रोटेड कठफोड़वा पेड़ों में छेद कर घोंसला बनाता है। एक प्रजनन काल में यह तीन से पांच अंडे देते हैं। माता-पिता दोनों चूजों को खाना खिलाते हैं।

इसका प्रजनन का समय जनवरी से मई तक होता है। पर्यटन नगरी रानीखेत में इसकी मौजूदगी सुखद है। यहां बर्ड वाचिंग की स्थापना के प्रयास होने चाहिए।-राजेश भट्ट, पक्षी विशेषज्ञ, कार्बेट नेशनल पार्क, रामनगर, नैनीताल।

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